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Mirzapur News: लंपी से पीड़ित दो गोवंश की मौत
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हलिया। क्षेत्र के खोदाईपुर गांव में लंपी वायरस की चपेट में आने से दो गोवंश की बुधवार की रात मौत हो गई। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के इलाजकी व्यवस्था नहीं किए जाने से पशुपालकों में नाराजगी है।
हलिया विकास खंड के सोनगढ़ा व कुछ अन्य ग्राम पंचायतों में लंपी वायरस की चपेट में आने से काफी संख्या में पशु बीमार हैं। पशुओं के इलाज के लिए कोई सुनने वाला नहीं है। पशु चिकित्सक बीमार पशुओं को केंद्र पर लाने की बात कह दे रहे हैं। इससे पशुपालकों में नाराजगी है। पशुपालकों का आरोप है कि पशु चिकित्सालय जाने पर कुछ दवाएं वहां देने के बाद बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्ची दे दी जा रही है। खोदाईपुर गांव निवासी पशुपालक दुलारे की गर्भवती गाय एक सप्ताह से लंपी वायरस की चपेट में आकर बीमार पड़ी थी। उसकी सोमवार की रात मौत हो गई। इसी गांव में छविनाथ का बछड़ा भी लंपी रोग की चपेट में आकर मर गया। गांव में कई अन्य पशु भी बीमार हैं। आसपास के गांवों में पशु पालन विभाग की ओर से टीकाकरण तक नहीं किया गया है। पशुपालक धर्मेंद्र दुबे ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व गाय के शरीर पर धब्बानुमा चकत्ते उभर आए। बीमार गाय ने चारा व भूसा खाना छोड़ दिया है। जानकारी देने पर पशुपालन विभाग के जिम्मेदार गांव में आए तो जरूर, लेकिन पशुओं के उपचार को कौन कहे, अन्य पशुओं का टीकाकरण तक नहीं किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही लंपी रोग पर नियंत्रण के लिए समुचित उपाय नहीं किए गए तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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हलिया विकास खंड के सोनगढ़ा व कुछ अन्य ग्राम पंचायतों में लंपी वायरस की चपेट में आने से काफी संख्या में पशु बीमार हैं। पशुओं के इलाज के लिए कोई सुनने वाला नहीं है। पशु चिकित्सक बीमार पशुओं को केंद्र पर लाने की बात कह दे रहे हैं। इससे पशुपालकों में नाराजगी है। पशुपालकों का आरोप है कि पशु चिकित्सालय जाने पर कुछ दवाएं वहां देने के बाद बाहर से दवा खरीदने के लिए पर्ची दे दी जा रही है। खोदाईपुर गांव निवासी पशुपालक दुलारे की गर्भवती गाय एक सप्ताह से लंपी वायरस की चपेट में आकर बीमार पड़ी थी। उसकी सोमवार की रात मौत हो गई। इसी गांव में छविनाथ का बछड़ा भी लंपी रोग की चपेट में आकर मर गया। गांव में कई अन्य पशु भी बीमार हैं। आसपास के गांवों में पशु पालन विभाग की ओर से टीकाकरण तक नहीं किया गया है। पशुपालक धर्मेंद्र दुबे ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व गाय के शरीर पर धब्बानुमा चकत्ते उभर आए। बीमार गाय ने चारा व भूसा खाना छोड़ दिया है। जानकारी देने पर पशुपालन विभाग के जिम्मेदार गांव में आए तो जरूर, लेकिन पशुओं के उपचार को कौन कहे, अन्य पशुओं का टीकाकरण तक नहीं किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही लंपी रोग पर नियंत्रण के लिए समुचित उपाय नहीं किए गए तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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