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हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:28 AM IST
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सजा सुनने के बाद भाग
- फोटो : amar ujala
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न्यायायल अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्रा ने हत्या के मामले में एक आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के अर्थदंड के दंड से दंडित कर उसे जेल भेज दिया। जुर्माने की राशि से 20 हजार रुपया मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन अनुसार जिगना थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासिनी एवं वादिनी मुकदमा गुलाबी देवी ने 28 दिसंबर 2012 को थाने में तहरीर दिया कि उसके पति गंगा के किनारे तरी में सरपत काटने गए थे। आरोपी भी वहां सरपत काटने गया था। जहां सरपत काटने को लेकर हुए विवाद के दौरान हाथ में लिए हुए कटवासे से उसके पति शिवशंकर के गर्दन पर आरोपी बबलू ने प्रहार कर प्राणघातक चोटें पहुंचाई थीं। जिसमें उसके पति की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध 302 व 307 भादवी का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता रमेंद्र कुमार शुक्ल ने पांच गवाह पेश किए। जिसकी सुनवाई न्यायालय द्वारा बुधवार को की गई। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, अधिवक्ताओं की दलील के आधार कोर्ट ने आरोपी बबलू को दोष सिद्ध पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।
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अभियोजन अनुसार जिगना थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासिनी एवं वादिनी मुकदमा गुलाबी देवी ने 28 दिसंबर 2012 को थाने में तहरीर दिया कि उसके पति गंगा के किनारे तरी में सरपत काटने गए थे। आरोपी भी वहां सरपत काटने गया था। जहां सरपत काटने को लेकर हुए विवाद के दौरान हाथ में लिए हुए कटवासे से उसके पति शिवशंकर के गर्दन पर आरोपी बबलू ने प्रहार कर प्राणघातक चोटें पहुंचाई थीं। जिसमें उसके पति की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध 302 व 307 भादवी का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
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अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता रमेंद्र कुमार शुक्ल ने पांच गवाह पेश किए। जिसकी सुनवाई न्यायालय द्वारा बुधवार को की गई। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, अधिवक्ताओं की दलील के आधार कोर्ट ने आरोपी बबलू को दोष सिद्ध पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।
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