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लेपर्ड कैट के तस्करों कों जमानत नहीं
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 08 Feb 2017 12:31 AM IST
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नलकूप के झेरे से निकालने के बाद पिंजरे में कैद जंगली बिल्ली
- फोटो : अमर उजाला
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जनपद न्यायाधीश गोपाल कुलश्रेष्ठ ने दुर्लभ प्रजाति लेपर्ड कैट (कैरेकल) की तस्करी करने वाले दो आरोपियों की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी।
यातायात प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने वाहन चेकिंग के दौरान देहात कोतवाली क्षेत्र के भरूहना चौराहे से इनोवा गाड़ी से जंगली बिल्लियों और एक तेंदुआ के बच्चे को बरामद किया था। कैरेकल बरमद होने पर करनपुर चौकी इंचार्ज प्रवीण सिंह व देहात कोतवाली पुलिस ने बरामद कैरेकल के साथ दो तस्करों मोहम्मद अब्दुल आरिफ और मोहम्मद फहीम निवासी हैदराबाद को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल में डाल दिया गया था। आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जेल से जमानत अर्जी दी थी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पूरे विश्व में इस प्रजाति के जंगली बिल्लियों की संख्या गिनी चुनी है। उनके पीछे अभियुक्तों का पूरा गैंग लगा है। ऐसे में जमानत नहीं देनी चाहिए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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यातायात प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने वाहन चेकिंग के दौरान देहात कोतवाली क्षेत्र के भरूहना चौराहे से इनोवा गाड़ी से जंगली बिल्लियों और एक तेंदुआ के बच्चे को बरामद किया था। कैरेकल बरमद होने पर करनपुर चौकी इंचार्ज प्रवीण सिंह व देहात कोतवाली पुलिस ने बरामद कैरेकल के साथ दो तस्करों मोहम्मद अब्दुल आरिफ और मोहम्मद फहीम निवासी हैदराबाद को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल में डाल दिया गया था। आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जेल से जमानत अर्जी दी थी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पूरे विश्व में इस प्रजाति के जंगली बिल्लियों की संख्या गिनी चुनी है। उनके पीछे अभियुक्तों का पूरा गैंग लगा है। ऐसे में जमानत नहीं देनी चाहिए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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