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दुराचार के दोषी को दस वर्ष की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:56 AM IST
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रेप पीड़िता को मिला न्याय
- फोटो : rape, mirzapur
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अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट पीएन श्रीवास्तव ने सोमवार को दुराचार के आरोपी विनय दूबे को दोष सिद्ध पाते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित कर जेल भेज दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जिगना थाना क्षेत्र के बरी दूबे निवासी आरोपी विनय कुमार दूबे के विरुद्ध थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बहन लगने वाली युवती के साथ जबरन बलात्कार करने के जुर्म में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 506, भादस. में मुकदमा पंजीकृृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेंद्र शुक्ल, केके पांडेय तथा रामेश्वर सिंह ने सभी गवाहों को परीक्षित कराया। इस मामले की सुनाई न्यायालय ने सोमवार को किया।
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न्यायालय ने दोष सिद्ध पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख एक हजार रुपया जुर्माने से दंडित किया। साथ ही आरोपी को दंडादेश की अवधि में से तीन महीने तक तनहाई में रखने का भी आदेश दिया है। अर्थदंड की राशि से 75 हजार रुपया बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार जिगना थाना क्षेत्र के बरी दूबे निवासी आरोपी विनय कुमार दूबे के विरुद्ध थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बहन लगने वाली युवती के साथ जबरन बलात्कार करने के जुर्म में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 506, भादस. में मुकदमा पंजीकृृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
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अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेंद्र शुक्ल, केके पांडेय तथा रामेश्वर सिंह ने सभी गवाहों को परीक्षित कराया। इस मामले की सुनाई न्यायालय ने सोमवार को किया।
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न्यायालय ने दोष सिद्ध पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख एक हजार रुपया जुर्माने से दंडित किया। साथ ही आरोपी को दंडादेश की अवधि में से तीन महीने तक तनहाई में रखने का भी आदेश दिया है। अर्थदंड की राशि से 75 हजार रुपया बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश दिया।