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पूर्व विधायक उदयभान कोर्ट में हाजिर
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Tue, 05 Apr 2016 01:03 AM IST
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पूर्व विधायक उदयभान
- फोटो : mirzapur
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गैर जमानती वारंट पर पूर्व विधायक उदयभान सोमवार को अदालत में हाजिर हुए। न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर गैर जमानती वारंट को निरस्त कर दिया। कहा कि उनको जरूरत पड़ने पर तलब किया जाएगा।
लालगंज थानाक्षेत्र के कोलकम निवासी और वादी मुकदमा केदार का गांव के लल्लू से विवाद हुआ था। आरोप के अनुसार पूर्व विधायक उदयभान, दिवाकर पांडेय, राजेश्वर उपाध्याय, काशीनाथ, अनिल सिंह तथा नरेंद्र सिंह 29 सितंबर 1991 को केदार के घर पहुंचकर उसकी पिटाई कर दी और जान मारने की धमकी दी थी।
इस मामले में उदयभान सहित छह आरोपियाें के खिलाफ लालगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें कोर्ट ने पेशी पर न आने पर वारंट बी जारी किया था। पूर्व विधायक न्यायालय में उपस्थित हुए और अपने अधिवक्ता के माध्यम से गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
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बताया कि इस मामले में मेरी जमानत हो चुकी है। जमानत कराने के बाद विवेचक द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में दिया गया है। नोटिस की सूचना प्रार्थी को नहीं थी। प्रार्थी पिछले 17 वर्ष से एक मुकदमे में आजीवन कारावास हो जाने से केंद्रीय जेल फतेहगढ़ में बंद चल रहा है तथा न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय आया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने आरोपी डाक्टर सिंह को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर गैरजमानती वारंट को निरस्त कर दिया।
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लालगंज थानाक्षेत्र के कोलकम निवासी और वादी मुकदमा केदार का गांव के लल्लू से विवाद हुआ था। आरोप के अनुसार पूर्व विधायक उदयभान, दिवाकर पांडेय, राजेश्वर उपाध्याय, काशीनाथ, अनिल सिंह तथा नरेंद्र सिंह 29 सितंबर 1991 को केदार के घर पहुंचकर उसकी पिटाई कर दी और जान मारने की धमकी दी थी।
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इस मामले में उदयभान सहित छह आरोपियाें के खिलाफ लालगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें कोर्ट ने पेशी पर न आने पर वारंट बी जारी किया था। पूर्व विधायक न्यायालय में उपस्थित हुए और अपने अधिवक्ता के माध्यम से गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
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बताया कि इस मामले में मेरी जमानत हो चुकी है। जमानत कराने के बाद विवेचक द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में दिया गया है। नोटिस की सूचना प्रार्थी को नहीं थी। प्रार्थी पिछले 17 वर्ष से एक मुकदमे में आजीवन कारावास हो जाने से केंद्रीय जेल फतेहगढ़ में बंद चल रहा है तथा न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय आया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने आरोपी डाक्टर सिंह को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर गैरजमानती वारंट को निरस्त कर दिया।