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मरीज की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा
mirzapur
Updated Mon, 29 May 2017 12:04 AM IST
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जिला अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीज की शनिवार की रात मौत के बाद लोक निर्माण विभाग के एक ठेकेदार के कर्मचारियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। चिकित्सक से हाथापाई की। पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि मरीज की मौत के बाद भी उसके तीमारदार उसे रेफर कराना चाहते थे। डाक्टर ने इंकार कर दिया तो मारपीट करने लगे।
बिहार के भोलानाथ ने हलिया-भटवारी मार्ग की मरम्मत का ठेका ले रखा है। बिहार के मुज्जफरपुर जनपद के देवड़िया पंडू निवासी रंजीत मांझी (25) मजदूरी कर रहा था। 26 मई को मिट्टी गिराते समय वह ट्रैक्टर से गिर कर घायल हो गया था। उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। शनिवार की रात अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी और बचाया नहीं जा सका। मौत की जानकारी होने पर पहुंचे ठेकेदार के कर्मचारियों ने डाक्टर पर रेफर लेटर बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। चिकित्सक ने इससे मना कर दिया तो कर्मचारी हंगामा करने लगे। उन्होेंने चिकित्सक से अभद्रता और हाथापाई की।
स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। सीमएओ डा. विधु गुप्ता, सीओ नगर संजय सिंह, शहर कोतवाल वैभव सिंह आदि मौके पर पहुंच गए। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। ठेकेदार के कर्मचारियों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी और वे अपने मरीज को रेफर कराना चाहते थे लेकिन चिकित्सक ने नहीं किया। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। जो दोषी होगी उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।
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बिहार के भोलानाथ ने हलिया-भटवारी मार्ग की मरम्मत का ठेका ले रखा है। बिहार के मुज्जफरपुर जनपद के देवड़िया पंडू निवासी रंजीत मांझी (25) मजदूरी कर रहा था। 26 मई को मिट्टी गिराते समय वह ट्रैक्टर से गिर कर घायल हो गया था। उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। शनिवार की रात अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी और बचाया नहीं जा सका। मौत की जानकारी होने पर पहुंचे ठेकेदार के कर्मचारियों ने डाक्टर पर रेफर लेटर बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। चिकित्सक ने इससे मना कर दिया तो कर्मचारी हंगामा करने लगे। उन्होेंने चिकित्सक से अभद्रता और हाथापाई की।
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स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। सीमएओ डा. विधु गुप्ता, सीओ नगर संजय सिंह, शहर कोतवाल वैभव सिंह आदि मौके पर पहुंच गए। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। ठेकेदार के कर्मचारियों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी और वे अपने मरीज को रेफर कराना चाहते थे लेकिन चिकित्सक ने नहीं किया। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। जो दोषी होगी उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।
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