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नाविकों ने चार दर्शनार्थियों को डूबने से बचाया
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:11 AM IST
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विंध्याचल। क्षेत्र के अखाड़ा घाट पर शुक्रवार की सुबह स्नान के समय गंगा के गहरे पानी में गए एक ही परिवार के चार सदस्यों को नाविकों ने डूबने से बचा लिया। चारों बिहार के निवासी और एक ही परिवार के सदस्य हैं। इसकी जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने नाविकों के साहस की सराहना की।
बिहार के बतालपुर गांव निवासी रामेश्वर (42), प्रमोद कुमार (30), कमलेश (25) और रामसेवक (20) नवरात्र के बीतने के बाद मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने पटना कुर्ला एक्सप्रेस से विंध्य धाम में शुक्रवार की सुबह पहुंचे थे। माता के दर्शन के पूर्व सभी एकमत होकर सभी गंगा स्नान करने के लिए अखाड़ा घाट पर पहुंचे। बैरिकेडिंग न रहने के कारण उन्हेें पानी के गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और वे स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते एक के बाद एक सभी डूबने लगे। पानी में डूबने के दौरान यात्रियों ने शोर मचाया तो गंगा घाट पर मौजूद नाविकों ने नाव को उनके पास ले जाकर उन्हें बचा लिया। गंगा घाट पर तैनात नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए बड़ी घटना होने से बचा लिया। नाविकों ने बताया कि उन्होंने पानी में डूब रहे लोगों को बांस पकड़ा कर बाहर निकाला। बता दें कि दो दिन पूर्व भी इसी घाट पर तीन दर्शनार्थी डूब रहे थे, जिन्हें मल्लाहों ने बचा लिया था। बचाने वाले नाविकों में नीरज निषाद, रामराज एवं विध्यकेस निषाद आदि शामिल रहे। विन्ध्यधाम में नाविकों के बहादुरी की चर्चा पूरे दिन होती रही।
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बिहार के बतालपुर गांव निवासी रामेश्वर (42), प्रमोद कुमार (30), कमलेश (25) और रामसेवक (20) नवरात्र के बीतने के बाद मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने पटना कुर्ला एक्सप्रेस से विंध्य धाम में शुक्रवार की सुबह पहुंचे थे। माता के दर्शन के पूर्व सभी एकमत होकर सभी गंगा स्नान करने के लिए अखाड़ा घाट पर पहुंचे। बैरिकेडिंग न रहने के कारण उन्हेें पानी के गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और वे स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते एक के बाद एक सभी डूबने लगे। पानी में डूबने के दौरान यात्रियों ने शोर मचाया तो गंगा घाट पर मौजूद नाविकों ने नाव को उनके पास ले जाकर उन्हें बचा लिया। गंगा घाट पर तैनात नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए बड़ी घटना होने से बचा लिया। नाविकों ने बताया कि उन्होंने पानी में डूब रहे लोगों को बांस पकड़ा कर बाहर निकाला। बता दें कि दो दिन पूर्व भी इसी घाट पर तीन दर्शनार्थी डूब रहे थे, जिन्हें मल्लाहों ने बचा लिया था। बचाने वाले नाविकों में नीरज निषाद, रामराज एवं विध्यकेस निषाद आदि शामिल रहे। विन्ध्यधाम में नाविकों के बहादुरी की चर्चा पूरे दिन होती रही।
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