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नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:16 AM IST
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अहरौरा। पुलिस ने क्षेत्र के खोराडीह के लतीरहवा जंगल में छापा मार कर नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस दौरान सात आरोपी पकड़े गए जबकि दो मौके से भाग निकले। अभी मुख्य अभियुक्त भी गिरफ्त से बाहर है। नकली शराब बनाने वाला केमिकल, शीशियां, ढक्कन, रैपर, लोगो और उपकरण बरामद कर जब्त किए गए हैं। मौके से इतना केमिकल बरामद किया गया, जिससे 2000 लीटर शराब बनाई जा सकती थी।
अहरौरा थाना क्षेत्र के खोराडीह लतीहरवा जंगल में शराब माफिया द्वारा मध्यप्रदेश से सामग्री लाकर उससे नकली देशी शराब बनाकर बिहार, सोनभद्र, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर में बेचने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए रविवार की देर रात लतीहरवा के जंगल के पास एक कच्चे मकान में बोलेरो से नकली शराब बनाने की सामग्री और उपकरण लाया गया था। इसकी सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी करके चार बदमाशों को मौके पर दबोच लिया जबकि पांच आरोपी भाग निकले। वहां 19 छागल में रखा 1000 लीटर नकली शराब बनाने में काम आने वाला केमिकल, दस हजार शीशियां व ढक्कन, दस हजार रैपर, दस हजार लोगो, पंद्रह पैकिंग करने वाली मशीनें व 220 लीटर के ड्रम में अन्य केमिकल बरामद किए। खोराडीह गांव निवासी रामधनी और उसके बेटे गुड्डू व रमेश के साथ सियाराम को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के बाद फरार आरोपियों में से बहादुर,लालकृष्ण और कल्लू को सोमवार को पकड़ा गया।
पुलिस का कहना है कि रामधनी के मकान में मिनी प्लांट लगाकर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने की योजना थी। खोराडीह के पीएसी लूटकांड के बाद जहां पर ग्रामीणों की मड़ई फूंक दी गई थी। वह स्थान निर्जन हो गया था। उसी स्थान पर शराब बनाने वाली फैक्ट्री बनाई जा रही थी लेकिन मुखबिरों ने शराब माफिया खेल बिगाड़ दिया।
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इनसेट
पांच एमएल में बनती है सौ एमएल शराब
अहरौरा। खोराडीह के लतीहरवा के जंगल में एक हजार लीटर बरामद केमिकल के बारे में बताया जा रहा है कि मात्र पांच एमएल केमिकल से सौ एमएल नकली शराब तैयार होती है। उसे मध्यप्रदेश से लाकर बिहार बेचने और खोराडीह के जंगलों में बनाने की योजना थी। हालांकि अभी पुलिस मुख्य अभियुक्त पुलिस तक नहीं पहुंच पाई है।
अहरौरा थाना क्षेत्र के खोराडीह लतीहरवा जंगल में शराब माफिया द्वारा मध्यप्रदेश से सामग्री लाकर उससे नकली देशी शराब बनाकर बिहार, सोनभद्र, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर में बेचने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए रविवार की देर रात लतीहरवा के जंगल के पास एक कच्चे मकान में बोलेरो से नकली शराब बनाने की सामग्री और उपकरण लाया गया था। इसकी सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी करके चार बदमाशों को मौके पर दबोच लिया जबकि पांच आरोपी भाग निकले। वहां 19 छागल में रखा 1000 लीटर नकली शराब बनाने में काम आने वाला केमिकल, दस हजार शीशियां व ढक्कन, दस हजार रैपर, दस हजार लोगो, पंद्रह पैकिंग करने वाली मशीनें व 220 लीटर के ड्रम में अन्य केमिकल बरामद किए। खोराडीह गांव निवासी रामधनी और उसके बेटे गुड्डू व रमेश के साथ सियाराम को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के बाद फरार आरोपियों में से बहादुर,लालकृष्ण और कल्लू को सोमवार को पकड़ा गया।
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पुलिस का कहना है कि रामधनी के मकान में मिनी प्लांट लगाकर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने की योजना थी। खोराडीह के पीएसी लूटकांड के बाद जहां पर ग्रामीणों की मड़ई फूंक दी गई थी। वह स्थान निर्जन हो गया था। उसी स्थान पर शराब बनाने वाली फैक्ट्री बनाई जा रही थी लेकिन मुखबिरों ने शराब माफिया खेल बिगाड़ दिया।
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पांच एमएल में बनती है सौ एमएल शराब
अहरौरा। खोराडीह के लतीहरवा के जंगल में एक हजार लीटर बरामद केमिकल के बारे में बताया जा रहा है कि मात्र पांच एमएल केमिकल से सौ एमएल नकली शराब तैयार होती है। उसे मध्यप्रदेश से लाकर बिहार बेचने और खोराडीह के जंगलों में बनाने की योजना थी। हालांकि अभी पुलिस मुख्य अभियुक्त पुलिस तक नहीं पहुंच पाई है।