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लैंगिंक अपराध के जुर्म में युवक को पांच वर्ष की कड़ी कैद
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मिर्जापुर। बालिका के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास में आरोपी को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना ने पांच वर्ष की कड़ी कैद के साथ ही पांच हजार रुपये जुुर्माना की सजा सुनाई। गुरुवार को सुनवाई के दौरान आरोपी पर दोष सिद्ध पाए गए।
अभियोजन अनुसार थाना चुनार क्षेत्र के एबकपुर मुहाना निवासी रामप्रकाश उर्फ लोहा पुत्र राजाराम के ऊपर आरोप था कि तीन मई 2017 को गांव में आई बारात में दस वर्षीय बालिका के साथ उसे छेड़खानी की तथा बलात्कार का प्रयास किया। सफल न होने पर मारापीटा एवं धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो छूरा घोंप दूंगा। इस घटना से वादी मुकदमा की भतीजी डर गई। काफी प्रयास के बाद उसने पूरी घटना से अपने चाचा को अवगत कराया। छह मई 2017 को लिखित तहरीर देकर थाना चुनार में बालिका के साथ बीती घटना की शिकायत की गई। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में उसका बयान दर्ज करवाया गया था। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पंकज कुमार सिंह ने सभी गवाहों को परीक्षित कराया और बहस के दौरान अभियोजन की तरफ से पक्ष रखा कि अभियुक्त द्वारा नाबालिग के ऊपर लैंगिक प्रहार किया गया है। उसे चोटें पहुंचाई गई हैं। अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त रामप्रकाश उर्फ लोहा को 354 बी, भादस में पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के साथ दोष सिद्ध पाए जाने पर तीन वर्ष के कठोर कारावास के साथ पांच हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
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अभियोजन अनुसार थाना चुनार क्षेत्र के एबकपुर मुहाना निवासी रामप्रकाश उर्फ लोहा पुत्र राजाराम के ऊपर आरोप था कि तीन मई 2017 को गांव में आई बारात में दस वर्षीय बालिका के साथ उसे छेड़खानी की तथा बलात्कार का प्रयास किया। सफल न होने पर मारापीटा एवं धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो छूरा घोंप दूंगा। इस घटना से वादी मुकदमा की भतीजी डर गई। काफी प्रयास के बाद उसने पूरी घटना से अपने चाचा को अवगत कराया। छह मई 2017 को लिखित तहरीर देकर थाना चुनार में बालिका के साथ बीती घटना की शिकायत की गई। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में उसका बयान दर्ज करवाया गया था। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पंकज कुमार सिंह ने सभी गवाहों को परीक्षित कराया और बहस के दौरान अभियोजन की तरफ से पक्ष रखा कि अभियुक्त द्वारा नाबालिग के ऊपर लैंगिक प्रहार किया गया है। उसे चोटें पहुंचाई गई हैं। अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त रामप्रकाश उर्फ लोहा को 354 बी, भादस में पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के साथ दोष सिद्ध पाए जाने पर तीन वर्ष के कठोर कारावास के साथ पांच हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
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