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मारपीट के मामले में पिता पुत्र को एक वर्ष की कैद
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:18 AM IST
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न्यायालय जूडिशियल मजिस्ट्रेट अभिनव जैन ने जमीन के विवाद को लेकर लाठी डंडे से मार कर चोट पहुंचाने के आरोपी पिता-पुत्र को दोष सिद्ध पाते हुए एक वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को ढाई ढाई हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है।
जमालपुर के मठना गांव निवासी एवं वादी मुकदमा देवेंद्र बहादुर पुत्र शंकर ने 25 नवंबर 2004 को थाने में लिखित तहरीर देकर गांव के ही शोभनाथ पुत्र रघुनाथ, उसके पुत्र अमरनाथ के विरुद्घ धारा 323, 504,506 भादवी में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप था कि गांव के पड़ोसी जमीन संबंधी विवाद को लेकर वादी देवेंद्र बहादुर को लाठी डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया था। पुलिस ने तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज कर वादी का मेडिकल कराने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। जिसकी सुनवाई न्यायालय ने गुरूवार को किया। अभियोजन की तरफ से सहायक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार सरोज ने पांच गवाह प्रस्तुत कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने शोभनाथ और उसके पुत्र अमरनाथ को सभी धाराओं में दोष सिद्ध पाते हुए एक एक वर्ष की सजा तथा ढाई ढाई हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने से राशि से चार हजार रुपया बतौर क्षति पूर्ति घायल देवेंद्र को देने का आदेश दिया।
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जमालपुर के मठना गांव निवासी एवं वादी मुकदमा देवेंद्र बहादुर पुत्र शंकर ने 25 नवंबर 2004 को थाने में लिखित तहरीर देकर गांव के ही शोभनाथ पुत्र रघुनाथ, उसके पुत्र अमरनाथ के विरुद्घ धारा 323, 504,506 भादवी में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप था कि गांव के पड़ोसी जमीन संबंधी विवाद को लेकर वादी देवेंद्र बहादुर को लाठी डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया था। पुलिस ने तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज कर वादी का मेडिकल कराने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। जिसकी सुनवाई न्यायालय ने गुरूवार को किया। अभियोजन की तरफ से सहायक अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार सरोज ने पांच गवाह प्रस्तुत कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने शोभनाथ और उसके पुत्र अमरनाथ को सभी धाराओं में दोष सिद्ध पाते हुए एक एक वर्ष की सजा तथा ढाई ढाई हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने से राशि से चार हजार रुपया बतौर क्षति पूर्ति घायल देवेंद्र को देने का आदेश दिया।
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