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जनता की गाढ़ी कमाई ले कर फाइनेंस कंपनी फरार
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:47 AM IST
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चुनार। आमजन की गाढ़ी मेहनत की कमाई करोड़ों रुपये लेकर विश्वामित्र इंडिया परिवार प्राइवेट लिमिटेड फरार हो गई। कंपनी में बतौर एजेंट काम करने वाले खुर्शीद आलम एवं कन्हैया ने कोतवाली में शाखा प्रबंधक इमरान व कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
नगर के बैंक रोड इलाके में दो तीन वर्ष पूर्व विश्वामित्र इंडिया परिवार नामक कंपनी ने कार्यालय खोला था। इसका प्रबंधक नगर के दरगाहशरीफ में रहने वाला इमरान नामक युवक था। कंपनी में दरगाहशरीफ के खुर्शीद आलम एवं बहरामगंज निवासी कन्हैया सहित कई लोग इस कंपनी में बतौर अभिकर्ता काम करने लगे। कोतवाली में तहरीर देने वाले एजेंट ने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक सैकड़ों लोगों ने कंपनी के विभिन्न फाइनेंस योजनाओं में पैसा जमा किए। धन जमा कराते समय प्रबंधक कहते थे कि कंपनी पैसा नहीं देगी तो हम देंगे। जब लोगों का पैसा जमा हो गया और उसे वापस करने का समय आया तो खाताधारकों का पैसा कंपनी भुगतान नहीं कर रही है। प्रबंधक से शिकायत करने पर वह धमकी दे रहा है। बताया कि कंपनी में आलम का 18 हजार, असलम का 19 हजार, नालिमा बानो का 50 हजार, अयाज का 57 हजार, बिहारी सोनकर का 19 हजार, सुभाष का 38 हजार, संतोष का 40 हजार सहित सैकड़ों खाताधारकों का करोड़ों रुपये जमा हैं, जो कंपनी नहीं लौटा रही है।
नगर के बैंक रोड इलाके में दो तीन वर्ष पूर्व विश्वामित्र इंडिया परिवार नामक कंपनी ने कार्यालय खोला था। इसका प्रबंधक नगर के दरगाहशरीफ में रहने वाला इमरान नामक युवक था। कंपनी में दरगाहशरीफ के खुर्शीद आलम एवं बहरामगंज निवासी कन्हैया सहित कई लोग इस कंपनी में बतौर अभिकर्ता काम करने लगे। कोतवाली में तहरीर देने वाले एजेंट ने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक सैकड़ों लोगों ने कंपनी के विभिन्न फाइनेंस योजनाओं में पैसा जमा किए। धन जमा कराते समय प्रबंधक कहते थे कि कंपनी पैसा नहीं देगी तो हम देंगे। जब लोगों का पैसा जमा हो गया और उसे वापस करने का समय आया तो खाताधारकों का पैसा कंपनी भुगतान नहीं कर रही है। प्रबंधक से शिकायत करने पर वह धमकी दे रहा है। बताया कि कंपनी में आलम का 18 हजार, असलम का 19 हजार, नालिमा बानो का 50 हजार, अयाज का 57 हजार, बिहारी सोनकर का 19 हजार, सुभाष का 38 हजार, संतोष का 40 हजार सहित सैकड़ों खाताधारकों का करोड़ों रुपये जमा हैं, जो कंपनी नहीं लौटा रही है।
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