{"_id":"5bc390e6bdec226959415aae","slug":"31539543270-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहस्यमय तरीके से गायब मलिकार तीन दिन बाद लौटे आश्रम,","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रहस्यमय तरीके से गायब मलिकार तीन दिन बाद लौटे आश्रम,
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। गुरुवार की देर रात गुरुदेवनगर के शीशमहल से सहायक मलिकार हरिप्रकाशानंद रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे। सहायक मलिकार के अबूझ हाल में गायब होने की खबर लगते ही आश्रम के बाबाओं में हड़कम मच गया। इधर उधर खोजबीन के बाद तलाश के लिए बकहर नदी में भी जाल डाला गया। मलिकार का मोबाइल बंद होने से कहीं भी जानकारी नहीं मिल सकी। इससे सभी सकते में पड़ गए। तीसरे दिन शनिवार को उनके काली महाल वाराणसी पहुंचने की खबर मिली तो आश्रम के बाबाओं ने राहत की सांस ली।
मड़िहान थाना क्षेत्र के कलवारी माफी के गुरुदेव नगर में मुख्य मठ गढ़वा घाट की शाखा है। शाखा के आश्रम में मुख्य मलिकार के न रहने पर आश्रम का कार्यभार सहायक मलिकार के कंधों पर है। शुक्रवार की सुबह देर तक मलिकार शीशमहल से बाहर नहीं आए तो आश्रम के बाबाओं को संदेह होने लगा। अंदर देखा गया तो कोई नहीं मिला। सूत्रों से जानकारी मिली कि जूते फर्श पर पड़े थे। शीशमहल में बिस्तर के नीचे 14 लाख रुपये व तकिया के नीचे से विदेशी रिवाल्वर मिले। बताया गया कि रैकरी गांव निवासी हून्नी यादव शादी के कुछ दिनों बाद घरवार छोड़कर बालपन से आश्रम चले गये। स्वभाव से भी अच्छे बताए जाते हैं। कुछ दिनों तक तो ठीक ठाक चलता रहा। इधर बीच पारिवारिक कलह से शांत रहा करते थे। 11 अक्तूबर को पारिवारिक कलह को लेकर घर वाले परिजन आश्रम पहुंच गये थे। उसी दिन मड़िहान थाने में परिवार के लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। हालांकि उपजिलाधिकारी न्यायालय से दोनों पक्षों को जमानत मिल गई थी। आश्रम के बाबाओं ने मलिकार के गुमशुदगी की रिपोर्ट तक पुलिस थाने में दर्ज नहीं कराया।
विज्ञापन
मड़िहान थाना क्षेत्र के कलवारी माफी के गुरुदेव नगर में मुख्य मठ गढ़वा घाट की शाखा है। शाखा के आश्रम में मुख्य मलिकार के न रहने पर आश्रम का कार्यभार सहायक मलिकार के कंधों पर है। शुक्रवार की सुबह देर तक मलिकार शीशमहल से बाहर नहीं आए तो आश्रम के बाबाओं को संदेह होने लगा। अंदर देखा गया तो कोई नहीं मिला। सूत्रों से जानकारी मिली कि जूते फर्श पर पड़े थे। शीशमहल में बिस्तर के नीचे 14 लाख रुपये व तकिया के नीचे से विदेशी रिवाल्वर मिले। बताया गया कि रैकरी गांव निवासी हून्नी यादव शादी के कुछ दिनों बाद घरवार छोड़कर बालपन से आश्रम चले गये। स्वभाव से भी अच्छे बताए जाते हैं। कुछ दिनों तक तो ठीक ठाक चलता रहा। इधर बीच पारिवारिक कलह से शांत रहा करते थे। 11 अक्तूबर को पारिवारिक कलह को लेकर घर वाले परिजन आश्रम पहुंच गये थे। उसी दिन मड़िहान थाने में परिवार के लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। हालांकि उपजिलाधिकारी न्यायालय से दोनों पक्षों को जमानत मिल गई थी। आश्रम के बाबाओं ने मलिकार के गुमशुदगी की रिपोर्ट तक पुलिस थाने में दर्ज नहीं कराया।
विज्ञापन