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Mandi News: खुद को नारकोटिक्स अफसर बता दो लोगों से 40,800 रुपये ठगे

Thu, 03 Sep 2026 12:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:00 AM IST
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Swindled 40,800 from two people by posing as a narcotics officer.
नकली आईडी, बैज और बंदूक दिखाकर जमाया रौब, बेटी की पढ़ाई और फ्रीज खाते का बहाना बनाकर मांगी मदद
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एसडीएम से शिकायत, फर्जी अधिकारी की पहचान और दस्तावेजों की जांच की मांग; मामला पुलिस को भेजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर क्षेत्र में खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर दो लोगों से कथित तौर पर 40,800 रुपये ठगने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने पहले दोस्ताना व्यवहार कर उनका विश्वास जीता और बाद में फर्जी पहचान पत्र, बैज और बंदूक दिखाकर खुद को अधिकारी बताया। इसके बाद बैंक खाता फ्रीज होने और बेटी की पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत का हवाला देकर दोनों से अलग-अलग रकम ले ली। मामले की शिकायत उपमंडलाधिकारी (ना.) जोगिंद्रनगर से की गई है।
शिकायतकर्ता रामचंद्र के अनुसार आरोपी ने उससे पहले दोस्ताना व्यवहार किया। उसने बताया कि वह नारकोटिक्स विभाग में अधिकारी है और नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इसी दौरान उसने रामचंद्र से टैक्सी की जरूरत होने और भविष्य में उसकी टैक्सी किराये पर लेने की बात भी कही। इससे रामचंद्र को आरोपी पर भरोसा हो गया।
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शिकायत के अनुसार करीब 15 से 20 दिन बाद आरोपी ने रामचंद्र से संपर्क किया। उसने बताया कि उसने जोगिंद्रनगर क्षेत्र में एक ड्रग डीलर को पकड़ा है और इस कार्रवाई के बाद उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया है। आरोपी ने अपनी बेटी की पढ़ाई का हवाला देते हुए रामचंद्र से आर्थिक मदद मांगी। रामचंद्र का आरोप है कि आरोपी की बातों में आकर उसने उसे 33 हजार रुपये दे दिए। दूसरे शिकायतकर्ता रमेश चंद के अनुसार आरोपी उसकी दुकान पर भी पहुंचा। उसने खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताते हुए कथित तौर पर आईडी कार्ड दिखाया। इसके बाद उसने बैंक खाता फ्रीज होने और बेटी की एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत होने की बात कही।
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रमेश चंद के अनुसार आरोपी की बातों पर भरोसा कर उसने उसे 7,800 रुपये दे दिए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार रकम देने के बाद जब उन्होंने आपस में बातचीत की तो आरोपी की कहानी को लेकर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने आरोपी के नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी होने के दावे की जानकारी जुटानी शुरू की। शक गहराने पर दोनों ने प्रशासन से मामले की शिकायत की। उधर, एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि शिकायत मिली है। मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस को भेजा जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी ने वास्तव में नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल किया था या नहीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है।
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