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बैंक से फर्जी चेक लगाकर लाखों रुपया निकाले वाले दो गिरप्तार
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:57 PM IST
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मिर्जापुर। पंजाब बैंक से फर्जी चेक लगाकर पैसा निकालने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शनिवार को रमईपटटी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया जबकि इस घटना में शामिल मुख्य आरोपी समेत तीन लोग अभी भी फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश जारी है। सभी के विरुद्घ धोखाधड़ी समेत अन्य आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर दोनों को जेल भेज दिया गया है। ये बाते पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताई।
उन्होंने बताया कि संजय सोनकर पुत्र स्व.भोलानाथ निवासी घुरूहीपट्टी शहर कोतवाली तथा राजीव साहू उर्फ राजू पुत्र कन्हैया साहू निवासी टटहिया कटरा कोतवाली ने शहर कोतवाली क्षेत्र के रमईपट्टी तिराहा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से एटलस साइकल कंपनी हरियाया का दो फर्जी चेक लगाकर पैसे का भुगतान कराने गए थे। 16 दिसंबर को पहला चेक नौ लाख 35 हजार 210 रुपये का लगाते हुए संजय ने अपने खाते में पैसा ट्रांसर्फर करा लिया था। पैसा खाते में आते ही आठ लाख रुपया निकाल लिया। दूसरा चेक 18 दिसंबर को 12 लाख 70 हजार 620 रुपये का लगाने पहुंचा तो बैंक मैनेजर को शक हो गया। दो दिनों के अंदर 22 लाख रुपया अचानक भुगतान करने के पीछे उनकी मंशा जानने के लिए कंपनी के जीएम अशोक कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी रकम का कोई चेक उन्होंने जारी नहीं किया है। कहा कि दोनों चेक फर्जीँ है इसलिए बकाया पैसे का भुगतान न करे और दोनों को पुलिस के हवाले कर दे। उन्होंने तत्काल शहर कोतवाल रमेश यादव, एसएस आई रामकुमार यादव, नरेंद्र सिंह, को सूचना देकर बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने साइकल कंपनी की तहरीर पर मुख्य आरोपी तथा संजय और राजू समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर संजय और राजू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने सोनभद्र के विनय को चेक का भुगतान कराने के लिए दिया था। जिसने राजू, संजय सोनकर को चेक दिया था। पुलिस ने संजय के पास से सात हजार तथा राजू से पांच हजार रुपया कैश बरामद किया है। वहीं राजू द्वारा सोनभद्र के दुद्घी स्थित बैंक आफ इंडिया में जमा किए गए 25 हजार रुपये को सीज करवा दिया गया है। एसपी ने बताया कि संजय ने पैसा निकालने के बाद छह लाख रुपया मुख्य आरोपी दिल्ली निवासी को दे दिया था जबकि डेढ़ लाख रुपया अशोक कुमार निवासी नगर को दिया है। जिनकी तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। बताया कि इसमें बैंक कर्मियों की कार्यशैली भी संदिग्ध लग रही है जिसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि संजय सोनकर पुत्र स्व.भोलानाथ निवासी घुरूहीपट्टी शहर कोतवाली तथा राजीव साहू उर्फ राजू पुत्र कन्हैया साहू निवासी टटहिया कटरा कोतवाली ने शहर कोतवाली क्षेत्र के रमईपट्टी तिराहा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से एटलस साइकल कंपनी हरियाया का दो फर्जी चेक लगाकर पैसे का भुगतान कराने गए थे। 16 दिसंबर को पहला चेक नौ लाख 35 हजार 210 रुपये का लगाते हुए संजय ने अपने खाते में पैसा ट्रांसर्फर करा लिया था। पैसा खाते में आते ही आठ लाख रुपया निकाल लिया। दूसरा चेक 18 दिसंबर को 12 लाख 70 हजार 620 रुपये का लगाने पहुंचा तो बैंक मैनेजर को शक हो गया। दो दिनों के अंदर 22 लाख रुपया अचानक भुगतान करने के पीछे उनकी मंशा जानने के लिए कंपनी के जीएम अशोक कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी रकम का कोई चेक उन्होंने जारी नहीं किया है। कहा कि दोनों चेक फर्जीँ है इसलिए बकाया पैसे का भुगतान न करे और दोनों को पुलिस के हवाले कर दे। उन्होंने तत्काल शहर कोतवाल रमेश यादव, एसएस आई रामकुमार यादव, नरेंद्र सिंह, को सूचना देकर बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने साइकल कंपनी की तहरीर पर मुख्य आरोपी तथा संजय और राजू समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर संजय और राजू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने सोनभद्र के विनय को चेक का भुगतान कराने के लिए दिया था। जिसने राजू, संजय सोनकर को चेक दिया था। पुलिस ने संजय के पास से सात हजार तथा राजू से पांच हजार रुपया कैश बरामद किया है। वहीं राजू द्वारा सोनभद्र के दुद्घी स्थित बैंक आफ इंडिया में जमा किए गए 25 हजार रुपये को सीज करवा दिया गया है। एसपी ने बताया कि संजय ने पैसा निकालने के बाद छह लाख रुपया मुख्य आरोपी दिल्ली निवासी को दे दिया था जबकि डेढ़ लाख रुपया अशोक कुमार निवासी नगर को दिया है। जिनकी तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। बताया कि इसमें बैंक कर्मियों की कार्यशैली भी संदिग्ध लग रही है जिसकी जांच की जा रही है।
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