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धान लदे चार ट्रक पकड़े गए
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लालगंज। उपजिलाधिकारी लालगंज अरविंद चौहान ने रविवार रात लालगंज व हलिया में एक साथ छापेमारी कर धान लदे चार ट्रकों को पकड़ा। उनके पास कोई कागजात नहीं मिलने पर सभी ट्रकों को पुलिस को सौंपते हुए एफआईआर पंजीकृत करने का आदेश दिया है।
एसडीएम मड़िहान अरविंद चौहान को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि व्यापारी धान मिलरों से मिलीभगत कर अवैध तरीके से धान दूसरे स्थानों पर भिजवा रहे हैं। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने रविवार की देर रात शिकायत को परखने निकले तो सच्चाई सामने आ गई। चेकिंग के दौरान उन्होंने अवैध तरीके से धान लोडकर जा रहे चार ट्रकों को पकड़ा। चालकों से कागजात मांगे को चालक कोई कागजात नहीं दिखा पाए। पूछने पर बताया कि वह धान को मिल पर ले जा रहे हैं। कागजात नहीं दिखाए जाने पर सभी ट्रकों को हलिया बाजार में पुलिस को सौंप दिया। सभी ट्रकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। उनके इस कार्रवाई से धान के अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। एसडीएम की इस कार्रवाई से किसानों को थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली है। किसानों ने कहा कि इस तरह के कार्रवाई से अवैध कारोबार पर लगाम लगेगा। अवैध कारोबारी तकनीकी लाभ लेकर सीधे मील से साठगांठ कर धान की सप्लाई कर रहे हैं। इसके चलते किसान परेशान रहते है। उनके धान बेचने का नंबर भी बाद में आता है। एसडीएम के छापे के बाद सच सामने आ गया कि किसानों का धान समय से खरीद में विलंब कुछ ऐसे ही कारण होंगे।
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एसडीएम मड़िहान अरविंद चौहान को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि व्यापारी धान मिलरों से मिलीभगत कर अवैध तरीके से धान दूसरे स्थानों पर भिजवा रहे हैं। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने रविवार की देर रात शिकायत को परखने निकले तो सच्चाई सामने आ गई। चेकिंग के दौरान उन्होंने अवैध तरीके से धान लोडकर जा रहे चार ट्रकों को पकड़ा। चालकों से कागजात मांगे को चालक कोई कागजात नहीं दिखा पाए। पूछने पर बताया कि वह धान को मिल पर ले जा रहे हैं। कागजात नहीं दिखाए जाने पर सभी ट्रकों को हलिया बाजार में पुलिस को सौंप दिया। सभी ट्रकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। उनके इस कार्रवाई से धान के अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। एसडीएम की इस कार्रवाई से किसानों को थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली है। किसानों ने कहा कि इस तरह के कार्रवाई से अवैध कारोबार पर लगाम लगेगा। अवैध कारोबारी तकनीकी लाभ लेकर सीधे मील से साठगांठ कर धान की सप्लाई कर रहे हैं। इसके चलते किसान परेशान रहते है। उनके धान बेचने का नंबर भी बाद में आता है। एसडीएम के छापे के बाद सच सामने आ गया कि किसानों का धान समय से खरीद में विलंब कुछ ऐसे ही कारण होंगे।
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