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सबद कीर्तन से निहाल हुई संगत
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Mon, 22 Feb 2016 12:25 AM IST
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नगर के त्रिमोहानी-नारायणघाट स्थित गुरुद्वारा श्री निर्मल संगत में श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 349 वें प्रकाशोत्सव पर चल रहे संत समागम का रविवार को समापन हुआ। स दौरान गुरु के अटूट लंगर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
समागम में हरिद्वार, ऋषिकेश, पंजाब और बनारस से आए संगतों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। संतों ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्ति-ज्ञान की अविरल धारा बहाई। संताें ने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रागी जत्थों ने सबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस दौरान बोले सो निहाल, सतश्री अकाल से समागम स्थल गूंजता रहा।
कार्यक्रम के दौरान भूपेंद्र सिंह ने गुरुजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी ने अपना सर्वत्र देश के लिए कुर्बान कर दिया।
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इस दौरान महंत बलवीर सिंह, स्वामी अमरानंद स्वामी, अनुभव नंद, शिवराज सिंह, प्रीतम सिंह, ज्ञानी हरभजन सिंह, करमजीत सिंह सरना, प्रहलाद जी, सुशील सिंह,
इंदरप्रीत सिंह, विवेक सिंह, मनजीत सिंह, परमजीत सिंह, रविंद्र पाल सिंह, दिनेश प्रजापति, महेंद्र सिंह मौजूद थे।
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समागम में हरिद्वार, ऋषिकेश, पंजाब और बनारस से आए संगतों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। संतों ने अपनी ओजस्वी वाणी से भक्ति-ज्ञान की अविरल धारा बहाई। संताें ने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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रागी जत्थों ने सबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस दौरान बोले सो निहाल, सतश्री अकाल से समागम स्थल गूंजता रहा।
कार्यक्रम के दौरान भूपेंद्र सिंह ने गुरुजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी ने अपना सर्वत्र देश के लिए कुर्बान कर दिया।
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इस दौरान महंत बलवीर सिंह, स्वामी अमरानंद स्वामी, अनुभव नंद, शिवराज सिंह, प्रीतम सिंह, ज्ञानी हरभजन सिंह, करमजीत सिंह सरना, प्रहलाद जी, सुशील सिंह,
इंदरप्रीत सिंह, विवेक सिंह, मनजीत सिंह, परमजीत सिंह, रविंद्र पाल सिंह, दिनेश प्रजापति, महेंद्र सिंह मौजूद थे।