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Mirzapur News: 450 विंध्य स्वच्छता मार्ट के संचालन का दावा, हकीकत में लटका ताला
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दीपनगर में बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय व स्वच्छता मार्ट।-संवाद।
मिर्जापुर। स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य था कि जनपद में सामुदायिक शौचालय नियमित खुले और इसका लोगों को लाभ मिले। इसके लिए जिला पंचायत राज विभाग की विभाग की ओर से 809 ग्राम पंचायत में से 569 ग्राम पंचायतों में शौचालयों के पास विंध्य स्वच्छता मार्ट का निर्माण कराया गया। ताकि गांव के लोगों के साथ-साथ सामुदायिक शौचालय में भी यहीं से स्वच्छता से संबंधित सामग्री खरीद हो। बावजूद इसके सामुदायिक शौचालय के साथ ही विंध्य स्वच्छता मार्ट पुराने ढर्रे पर चल रहा है। अधिकांश मार्ट में न कोई सामान है और न ही कोई खरीद और बिक्री ही हो रही है।
जिले में ब्लॉकवार बने विंध्य स्वच्छता मार्ट पर गौर करें तो छानबे में तैयार 58 में 42, हलिया में 66 में 57, जमालपुर में 62 में 43, कोन में 26 में 20, लालगंज 34 में 22, मझवां में 27 में 24, नगर (सिटी) 56 में 45, नरायनपुर में 74 में 71, पहाड़ी में 34 में 27, पटेहरा में 42 में 25, राजगढ़ में 68 में 54 व सीखड़ में 22 में 20 ग्राम पंचायत में विंध्य स्वच्छता मार्ट के संचालन का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। हकीकत यह है कि अधिकांश मार्ट में कोई सामान है ही नहीं। फिर विभाग बिक्री का दावा कैसे कर रहा है। यह समझ से परे है।
ग्रामीणों को पता ही नहीं किस लिए सरकार ने खोला है मार्ट
पटेहरा क्षेत्र के अधिकांश गांवों के सामुदायिक शौचालय व विंध्य स्वच्छता मार्ट में ताला लटक रहा है। पटेहरा कला के दीपनगर में सामुदायिक शौचालय व विंध्य स्वच्छता मार्ट तो कभी खुलता ही नहीं। नेवढ़िया, खनवर मझारी, रामपुर गांव में विंध्य स्वच्छता मार्ट में ताला लगा रहता है। पटेहरा कला के शुभम, शिव कुमार का कहना है कि दीपनगर में बना सामुदायिक शौचालय व स्वच्छता मार्ट कभी खुलता ही नहीं है। नेवढ़िया गांव निवासी पारस, राहुल, संतोष ने बताया यह मार्ट किस लिए खुला है और इसमें क्या कार्य होता है पता ही नहीं। जमालपुर क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय के पास बने ऐसे मार्ट केवल शो-पीस हैं। न केयर टेकर दिखाई देती हैं और न ही कोई सामान।
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पंचायत के खाते से निकल गया धन, नहीं पूरा हो सका मार्ट का काम
जमालपुर क्षेत्र के 99 में 62 ग्राम पंचायत में विंध्य स्वच्छता मार्ट के निर्माण का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि अधिकांश का निर्माण अधूरा है। किसी में दरवाजा नहीं तो किसी में खिड़की नहीं। मार्ट निर्माण के नाम पर ग्राम पंचायत से धन निकाल लिया गया है। देवरिया में तैयार ऐसे मार्ट में दरवाजा खिड़की तक नहीं लगाया गया है। जगदीशपुर में विंध्य स्वच्छता मार्ट में न तो केयर टेकर और न ही कोई सामान है। रघुनाथपुर में विंध्य स्वच्छता मार्ट को कौन कहे सामुदायिक शौचालय हर समय बंद रहता है। योजनाएं केवल फाइलों तक सिमटकर रह गई हैं।
विंध्य स्वच्छता मार्ट में केयर टेकरों को बेचना था स्वच्छता सामग्री
जिले के सभी सामुदायिक शौचालय समय से खुले और बंद हों। पंचायत राज विभाग की ओर से विंध्य स्वच्छता मार्ट खुलवाए गए थे। शासन की मंशा थी कि ऐसे प्रतिष्ठान में स्वच्छता संबधी सामग्रियों में झाड़ू, साबुन, तेल, टॉयलेट क्लीनर आदि सामान केयर टेकर बेचेंगी। योजना परवान चढ़ने से पहले ही ध्वस्त नजर आ रही है। एक केयर टेकर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब बिक्री होनी ही नहीं है तो दिन भर समय क्यों बर्वाद करें। वास्तव में देखा जाए तो सामुदायिक शौचालय जाने वाले लोग भी ऐसे दुकान से कुछ भी खरीदने से परहेज करते हैं।
विंध्य स्वच्छता मार्ट चलवाना सचिव की जिम्मेदारी है। जहां संचालन नहीं किया जा रहा है उसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित सचिव व ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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जिले में ब्लॉकवार बने विंध्य स्वच्छता मार्ट पर गौर करें तो छानबे में तैयार 58 में 42, हलिया में 66 में 57, जमालपुर में 62 में 43, कोन में 26 में 20, लालगंज 34 में 22, मझवां में 27 में 24, नगर (सिटी) 56 में 45, नरायनपुर में 74 में 71, पहाड़ी में 34 में 27, पटेहरा में 42 में 25, राजगढ़ में 68 में 54 व सीखड़ में 22 में 20 ग्राम पंचायत में विंध्य स्वच्छता मार्ट के संचालन का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। हकीकत यह है कि अधिकांश मार्ट में कोई सामान है ही नहीं। फिर विभाग बिक्री का दावा कैसे कर रहा है। यह समझ से परे है।
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ग्रामीणों को पता ही नहीं किस लिए सरकार ने खोला है मार्ट
पटेहरा क्षेत्र के अधिकांश गांवों के सामुदायिक शौचालय व विंध्य स्वच्छता मार्ट में ताला लटक रहा है। पटेहरा कला के दीपनगर में सामुदायिक शौचालय व विंध्य स्वच्छता मार्ट तो कभी खुलता ही नहीं। नेवढ़िया, खनवर मझारी, रामपुर गांव में विंध्य स्वच्छता मार्ट में ताला लगा रहता है। पटेहरा कला के शुभम, शिव कुमार का कहना है कि दीपनगर में बना सामुदायिक शौचालय व स्वच्छता मार्ट कभी खुलता ही नहीं है। नेवढ़िया गांव निवासी पारस, राहुल, संतोष ने बताया यह मार्ट किस लिए खुला है और इसमें क्या कार्य होता है पता ही नहीं। जमालपुर क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय के पास बने ऐसे मार्ट केवल शो-पीस हैं। न केयर टेकर दिखाई देती हैं और न ही कोई सामान।
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पंचायत के खाते से निकल गया धन, नहीं पूरा हो सका मार्ट का काम
जमालपुर क्षेत्र के 99 में 62 ग्राम पंचायत में विंध्य स्वच्छता मार्ट के निर्माण का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि अधिकांश का निर्माण अधूरा है। किसी में दरवाजा नहीं तो किसी में खिड़की नहीं। मार्ट निर्माण के नाम पर ग्राम पंचायत से धन निकाल लिया गया है। देवरिया में तैयार ऐसे मार्ट में दरवाजा खिड़की तक नहीं लगाया गया है। जगदीशपुर में विंध्य स्वच्छता मार्ट में न तो केयर टेकर और न ही कोई सामान है। रघुनाथपुर में विंध्य स्वच्छता मार्ट को कौन कहे सामुदायिक शौचालय हर समय बंद रहता है। योजनाएं केवल फाइलों तक सिमटकर रह गई हैं।
विंध्य स्वच्छता मार्ट में केयर टेकरों को बेचना था स्वच्छता सामग्री
जिले के सभी सामुदायिक शौचालय समय से खुले और बंद हों। पंचायत राज विभाग की ओर से विंध्य स्वच्छता मार्ट खुलवाए गए थे। शासन की मंशा थी कि ऐसे प्रतिष्ठान में स्वच्छता संबधी सामग्रियों में झाड़ू, साबुन, तेल, टॉयलेट क्लीनर आदि सामान केयर टेकर बेचेंगी। योजना परवान चढ़ने से पहले ही ध्वस्त नजर आ रही है। एक केयर टेकर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब बिक्री होनी ही नहीं है तो दिन भर समय क्यों बर्वाद करें। वास्तव में देखा जाए तो सामुदायिक शौचालय जाने वाले लोग भी ऐसे दुकान से कुछ भी खरीदने से परहेज करते हैं।
विंध्य स्वच्छता मार्ट चलवाना सचिव की जिम्मेदारी है। जहां संचालन नहीं किया जा रहा है उसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित सचिव व ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी।