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Mirzapur News: धोखाधड़ी के मामले में ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज
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मिर्जापुर। धोखाधड़ी के आरोपी ठेकेदार के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील दत्त ने सीजेएम कोर्ट से आदेश कराकर मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज कर शहर कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कोन ब्लाॅक में मल्लेपुर यादवपुर संपर्क मार्ग तथा टेढ़वां में चिंदलिख संपर्क मार्ग के निर्माण के मामले में कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील दत्त ने कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि ठेकेदार आशुतोष सिंह चौहान के पक्ष में अनुबंध सृजित किया गया। ठेकेदार द्वारा आर्यावर्त बैंक, बंधन बैंक के एफडीआर को जमानत धनराशि के रूप में बंधक रखा। अनुबंधित काम पूरे होने के बाद बरसात के मौसम में सड़क क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत के लिए आदेश दिया गया। कार्य मानक के अनुरूप नहीं किए जाने पर धनराशि जब्त करने के लिए बैंक को पत्र लिखा गया। बैंक से आख्या मिलने पर पता चला कि जमा की गई एफडीआर कूटरचित है। जो एफडीआर बंधक के रूप में दी गई है वह कूटरचित है और उसे संबंधित बैंक द्वारा जारी नहीं किया गया है। न्यायालय को बताया कि आशुतोष सिंह चौहान के पिता कृष्ण प्रताप सिंह आर्यावर्त बैंक में शाखा प्रबंधक रहे। जिनके प्रभाव और सहयोग से कूटरचित तथा जालसाजी पूर्ण एफडीआर सृजित कर सत्यापन कराकर उसका उपयोग किया गया। इस मामले में शहर कोतवाली के बाद पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने शहर कोतवाली पुलिस को ठेकेदार आशुतोष सिंह चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। शहर कोतवाल बाल मुकुंद ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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कोन ब्लाॅक में मल्लेपुर यादवपुर संपर्क मार्ग तथा टेढ़वां में चिंदलिख संपर्क मार्ग के निर्माण के मामले में कोर्ट के आदेश पर एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील दत्त ने कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि ठेकेदार आशुतोष सिंह चौहान के पक्ष में अनुबंध सृजित किया गया। ठेकेदार द्वारा आर्यावर्त बैंक, बंधन बैंक के एफडीआर को जमानत धनराशि के रूप में बंधक रखा। अनुबंधित काम पूरे होने के बाद बरसात के मौसम में सड़क क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत के लिए आदेश दिया गया। कार्य मानक के अनुरूप नहीं किए जाने पर धनराशि जब्त करने के लिए बैंक को पत्र लिखा गया। बैंक से आख्या मिलने पर पता चला कि जमा की गई एफडीआर कूटरचित है। जो एफडीआर बंधक के रूप में दी गई है वह कूटरचित है और उसे संबंधित बैंक द्वारा जारी नहीं किया गया है। न्यायालय को बताया कि आशुतोष सिंह चौहान के पिता कृष्ण प्रताप सिंह आर्यावर्त बैंक में शाखा प्रबंधक रहे। जिनके प्रभाव और सहयोग से कूटरचित तथा जालसाजी पूर्ण एफडीआर सृजित कर सत्यापन कराकर उसका उपयोग किया गया। इस मामले में शहर कोतवाली के बाद पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने शहर कोतवाली पुलिस को ठेकेदार आशुतोष सिंह चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। शहर कोतवाल बाल मुकुंद ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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