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Mirzapur News: खड़ी हो गईं बसें और ट्रकें, मुसीबत में यात्री, माल ढुलाई ठप

Tue, 02 Jan 2024 01:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jan 2024 01:18 AM IST
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Buses and trucks stopped, passengers in trouble, freight traffic halted
मिर्जापुर। केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में बनाए गए सड़क दुर्घटना कानून के प्रति सोमवार को वाहन चालकों में आक्रोश नजर आया। चालकों ने रोडवेज परिसर में बसें और ट्रांसपोर्ट परिसर में ट्रकों को खड़ा कर दिया। सड़कों पर निकलकर निजी ऑटो, ई-रिक्शा आदि को संचालन बंद कराया। बसें नहीं चलने से सुबह से ही रोडवेज परिसर में यात्री परेशान रहे। शहर के अन्य हिस्सों में ई-रिक्शा आदि चलते रहे। ट्रांसपोर्ट और खनन क्षेत्रों में भी काफी संख्या में ट्रकें खड़ी रहीं। ट्रकों के पहिये थमने से करोड़ोें रुपये की माल ढुलाई प्रभावित हुई।
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केंद्र सरकारी की ओर से सड़क हादसे को लेकर बनाए गए कानून को लेकर प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी आंदोलन के तहत नए साल के पहले दिन सोमवार को चालकों ने वाहनों का संचालन बंद कर दिया। रोडवेज की एक भी बसें नहीं चलीं। बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय कुछ निजी बसें चल रही थीं तो कई लोग उससे गंतव्य की ओर रवाना हो गए। जानकारी होने पर रोडवेज बस चालकों ने चक्रमण कर निजी स्टैंडों के बसों और अन्य वाहनों का संचालन रोकवा दिया। रोडवेज और रेलवे स्टेशन से ऑटो और ई-रिक्शा सहित अन्य सवारी वाहनों का संचालन नहीं हो रहा था। इसके चलते लोगों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रोडवेज परिसर में चालकों ने प्रदर्शन कर नए कानून को काला कानून बताते हुए उसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान चालकों ने जमकर नारेबाजी की। रोडवेज बस चालक आफाक अहमद ने कहा कि हादसा होने पर जुर्माना और 10 वर्ष की सजा का कानून बनाया गया है। घायल को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने पर जुर्माना और सजा नहीं होगी, परंतु जहां चालक घायल को अस्पताल ले जाना चाहता है, वहां जनता चालक को मार डालती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कानून बनाए रखा गया तो चालक वाहनों का संचालन नहीं करने को विवश होंगे।
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उधर, मिर्जापुर रोडवेज डिपो में 52 परिवहन निगम और 22 अनुबंधित समेत कुल 74 बसें हैं। प्रतिदिन आठ से 10 हजार यात्री मिर्जापुर से सफर करते हैं। इससे परिवहन निगम को 10 से 12 लाख रुपये की आय होती है। जिले में दो हजार के करीब ट्रकें हैं। इसमें प्रतिदिन 500 ट्रकें खनन और 500 ट्रकें अन्य सामानों की ढुलाई के लिए आवागमन करती हैं। खनन सामग्री लेकर जाने के लिए प्रति ट्रक 30 हजार किराया रहता है। ट्रकों का संचालन नहीं होने से ट्रक मालिकों को भी करोड़ों का नुकसान हुआ। एआरएम एसके सेठ का कहना है कि रोडवेज की 74 बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन आठ से 10 हजार यात्री सफर करते हैं। प्रतिदिन 10 से 12 लाख की आय रोडवेज को होती है। चालक सुबह से बसों का संचालन बंद किए हुए हैं। उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। विंध्य ट्रकर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू चौबे का कहना है कि खनिज सामग्री ले जाने के लिए एक हजार ट्रकें हैं। जिले से प्रतिदिन 500 ट्रकें सामान लेकर जाती हैं। एक ट्रक का 30 हजार किराया रहता है। अन्य सामग्री ले जाने के लिए लगभग एक हजार ट्रकें हैं। चालकों ने ट्रकें खड़ी कर संचालन रोक दिया है।
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