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बजट ने जगाई विंध्यधाम के विकास की आस

Wed, 12 Jul 2017 12:24 AM IST
mirzapur
mirzapur Updated Wed, 12 Jul 2017 12:24 AM IST
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Budget awakens development of Vivekanandham
मंद‌िर का श‌िखर
राज्य सरकार ने विन्ध्य धाम के विकास के लिए दस करोड़ रुपये की राशि बजट में घोषित की है। इससे मंदिर में बुनियादी सुविधाओं के विकास के काफी काम होने की उम्मीद है। विंध्य विकास परिषद के अध्यक्ष और जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे का कहना है कि अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस रकम से क्या कराया जाना है। जल्द ही बैठक करके इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी।  
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 पिछले दिनों विंध्य विकास परिषद एवं विंध्य पंडा समाज की बैठक में विंध्याचल धाम के विकास का खाका खींचा गया था। इसमें मां की मूर्ति का चरण स्पर्श पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने। गलियों को चौड़ा करने, भूमिगत विद्युतीकरण, गर्भगृह में कटघरे को काट कर चौड़ा करने के प्रस्ताव पास किए गए थे। विंध्य धाम में रोजाना हजारों और नवरात्र में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मगर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इलाके में सफाई के उचित बंदोबस्त नहीं है। बस अड्डे की हालत खस्ता है। तारों का जाल मंदिर और गलियों में फैला है। इससे अक्सर मंदिर परिसर में शार्ट सर्किट और करंट उतरने की घटनाएं होती रहती हैं। गलियों के संकरी होने की वजह से नवरात्र एवं पूर्णिमा पर भीड़ बढ़ने पर जाम लग जाता है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से जहां तहां वाहन खड़े किये जाते हैं। अष्टभुजा में रैनबसेरा नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं अष्टभुजा काली खोह त्रिकोण मार्ग पर सुलभ शौचालय नहीं है। त्रिकोण मार्ग पर विश्राम स्थल नहीं है। स्थानीय निवासी बजट जारी करने से खुश हैं लेकिन वे बजट को नाकाफी बता रहे हैं।
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कालीखोह से अष्टभुजा तक की यात्रा को रोमांचक बनाने के लिए पिछली सरकार ने रोपवे बनाने की घोषणा की थी लेकिन यह मामला अब ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। रोप वे पर्याप्त बजट नहीं मिलने की वजह से अब तक मात्र पेड़ों को काट कर पिलर बनाये जा सके हैं। इससे यह योजना लटकती दिखाई पड़ रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने अष्टभुजा पहाड़ को विकसित बनाने के लिए पार्क, चिड़ियाघर और खिलौना ट्रेन बनाने का प्रस्ताव भी भेजा था जो अमल में नहीं लाया जा सका।  
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मैने विन्ध्याचल के विकास के लिए 110 करोड़ रुपये की मांग राज्य सरकार से की थी जिसकी पहली किस्त देने की घोषणा बजट में की गई है। इससे विकास शुरु होगा। अन्य योजनाओं को भी धीरे-धीरे पूरा किया जाएगा। इस राशि से पर्यटन का विकास करने की कोशिश होगी।

 बथुआ में बन रहे इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए आठ करोड़ का बजट जारी किया गया है। इससे इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण जल्द ही पूरा होने की आशा जगी है। जनता की मांग पर पूर्व प्राविधिक मंत्री योगेश प्रताप ने बथुआ स्थित पालीटेक्निक कॉलेज परिसर में इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास किया। इसके लिए शासन से 25 करोड़ का बजट भी जारी किया गया लेकिन इसके बाद बजट के अभाव में निर्माण कार्य रुक गया था। म़ुख्यमंत्री द्वारा बजट जारी करने से निर्माण कार्य में तेजी जाएगी।      
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