मिर्जापुरः जंगल में फंदे के सहारे लटका मिला लापता मां का शव, 3 दिन पहले तीन बेटियों का मिला था कंकाल
मिर्जापुर के हर्रा के जंगल में तीन बालिकाओं का कंकाल मिलने का मामला अब पेचीदा हो गया। बालिकाओं की लापता मां पर ही हत्या का आरोप था। शुक्रवार सुबह उसका शव जंगल में फांसी के फंदे से लटकता मिला।
विस्तार
मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के हर्रा के जंगल में तीन बालिकाओं का कंकाल मिलने के बाद फरार मां का शव शुक्रवार सुबह मोरचहवा जंगल में पेड़ से लटकता मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की। आशंका यही जताई जा रही है कि बच्चों की हत्या मां ने ही की थी।
कंकाल मिलने के बाद से वह लापता थी। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी के डर से उसने आत्महत्या कर ली। अब मां की मौत के बाद बच्चों की मौत के रहस्य से पर्दा उठा पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। बता दें कि हलिया थाना क्षेत्र के बेलाही गांव से एक माह पूर्व अपनी मां सीमा के साथ निकली तीन बहनों का कंकाल बुधवार की सुबह हर्रा जंगल में बरामद हुआ था।
बलिकाओं के मामा की सूचना पर पुलिस के साथ जंगल में पहुंचे उनके पिता ने कपड़ों से तीनों पुत्रियों गोलू (12) मुनिया (10) व ममता (8) की शिनाख्त की था। घटना के बाद से उनकी मां सीमा लापता थी। बालिकाओं के पिता की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी।
बालिकाओं के कंकाल की जांच खोलेगी हत्या का राज
पुलिस ने बालिकाओं के कंकाल की जांच के लिए वाराणसी के रामनगर डीएनए लैब भेजा है। बृहस्पतिवार को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। शुक्रवार सुबह बेलाही के मोरचहवा जंगल में फंदे से लटकता एक महिला का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस लापता महिला सीमा के पति देवीदास और भाई रमाकांत के साथ जंगल में गई।
पढ़ेंः मां के साथ निकली तीन बहनों का एक माह बाद जंगल में मिला कंकाल, इलाके में सनसनी
जंगल में साड़ी से बने फंदे से महिला का शव लटका मिला। पास में जमीन पर चप्पल और मोबाइल पड़ा था। परिजनों ने उसके शव की शिनाख्त की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आशंका जताई जा रही है कि बालिकाओं का कंकाल मिलने के बाद लापता चल रही मां ने पकड़े जाने के डर से फंदे पर लटककर जान दे दी। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
बालिकाओं की सौतेली मां थी सीमा
हलिया के बेलाही निवासी देवीदास की सीमा दूसरी पत्नी थी। देवीदास की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। उससे चार बच्चे पहले से ही हैं। सीमा की भी पहली शादी लालगंज थाना क्षेत्र में हुई थी। पहले पति से उसकी दो बेटियां मुन्नी व गोलू थी। पति की मौत के बाद उसकी शादी देवीदास से हुई थी जिससे तीसरी बेटी ममता पैदा हुई थी।
पढ़ेंः 21 नामजद और ढाई सौ अज्ञात पर मुकदमा, सात गिरफ्तार, हत्यारोपी को भीड़ ने पीटकर मारा डाला था
बीते 18 अगस्त को देवीदास किसी काम से घर से निकला था। उस दिन सीमा तीन पुत्रियों गोलू (12) मुनिया (10) व ममता (8) को साथ लेकर निकली। पुत्रियों को बताया कि मजदूरी करने के लिए जा रही है। दो दिन बाद वह अपने मायके सुखड़ा बेलगवां अकेले पहुंच गई।
...लगातार करती रही गुमराह
इधर, पुत्रियों को घर में न देख कर देवीदास ने पत्नी सीमा से पूछा तो बताया कि पुत्रियां नौकरी करने इंदौर गई हैं। मायके में भी उसने यही बात बतायी थी। इसके बाद वह लगातार देवीदास को गुमराह करती रही। बच्चियों के मामा और देवीदास ने उनकी तलाश करने की भरसक कोशिश की। अचानक से मंगलवार की रात उन तीन बालिकाओं का कंकाल हर्रा के जंगल में मिला। इस सूचना के बाद से सीमा लापता थी। शुक्रवार सुबह उसका शव मिला।