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व्यवसायी की मौत पर भाजपा विधायक का आरोप, नहीं मिल रहा वेंटीलेटर

Fri, 16 Apr 2021 11:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 11:43 PM IST
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BJP MLA accused of businessman's death, ventilator not available
मिर्जापुर। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाजपा के विधायक ने व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने नगर के एक व्यवसायी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पर कोविड के मरीज को भर्ती न करने, वेंटिलेटर न देने और मौत के बाद शव परिजनों से सील कराने के आरोप लगाए। भाजपा विधायक ने सीएमओ, जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आरोप को निराधार बता रहे हैं।
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नगर विधायक ने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता कर गंभीर आरोप लगाए। नगर विधायक ने कहा कि व्यवसायी की तबीयत खराब होने पर उनकी जांच कराई गई। इसमें वे संक्रमित पाए गए। इसके बाद उन्होंने भर्ती कराने के लिए सीएमओ से बात की, इसके बाद भी गंभीर मरीज को बाहर ही रखा गया। अस्पताल के बाहर पहुंचकर सीएमओ से बात करने पर एक-दो डाक्टर आए, पर वेंटिलेटर नहीं दिया गया। इसके बाद शुुक्रवार की सुबह चार बजे व्यवसायी की मौत हो गई। विधायक ने कहा कि मौत के चार घंटे बाद स्वास्थ्यकर्मियों से बात की तो उन्होंने बताया कि जिंदा है। इतना ही नहीं, शव को उनके परिवार के दो बच्चों से सील कराया गया। परिवार के चार लोगों से एंबुलेंस में रखवाया गया। जिलाधिकारी व एडीएम से भी इसकी शिकायत की गई पर सुनवाई नहीं हुई। कहा कि वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे कि मिर्जापुर अस्पताल में भ्रष्टाचार है। डिलीवरी का केस हो या किसी का पैर टूटे, बिना रुपये लिए इलाज नहीं हो रहा है। अस्पताल में दलाली के बारे में सीएमओ को बताया जाता है, फिर भी वह ध्यान नहीं देते।
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कोट...
सीएमओ डा. प्रभू दयाल गुप्ता ने कहा कि कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने पर व्यवसायी को बृहस्पतिवार को तीन बजकर 10 मिनट पर एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनका आक्सीजन लेवल 70 था। आक्सीजन बढ़ाने के लिए उनको वेंटिलेटर पर रखा गया। रात में उनका आक्सीजन 92 हो गया था। फिर आक्सीजन घटने पर आधी रात को उनकी हालत खराब हुई। तब प्रयागराज एल-थ्री अस्पताल में रेफर करने के लिए परिजनों को बताया गया। परिजनों ने कहा कि प्रयागराज में व्यवस्था सही नहीं है यहीं इलाज करिए। शुक्रवार सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कोविड-19 गाइड लाइन के अनुसार शव को पैक किया। परिजन स्वयं वहां गए। उस समय एडीएम वहां थे। उन्होंने मना किया, इसके बाद भी परिजन शव ले जाने पर अड़े थे। अंतिम संस्कार के लिए परिजन शव लेकर गए।
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