फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   bhola alive in papers, got a letter

कागजों में जिंदा हुआ भोला, मिली खतौनी

Mon, 08 Feb 2021 09:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 09:28 PM IST
विज्ञापन
bhola alive in papers, got a letter
मिर्जापुर। कागजों में ‘जिंदा’ दर्ज होने के लिए 15 वर्षों से संघर्ष करने के बाद भोला को सोमवार को सफलता मिली। वह एक बार फिर से कागजों में भी जिंदा हो गए हैं। तहसीलदार सुनील कुमार ने उनके नाम की खतौनी उन्हें सौंप दी है।
विज्ञापन

कागजों में जबरदस्ती मार दिए गए भोला ने 15 वर्ष तक अपने को कागजों में जिंदा करने के लिए संघर्ष किया। तहसील सदर क्षेत्र के अमोई निवासी भोला सिंह 16 जनवरी को जिला मुख्यालय पर पर अपने को जिंदा साबित करने के लिए धरने पर बैठे थे। अमर उजाला ने उनकी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन हरकत में आया। भोला सिंह का आरोप था कि उसके भाई राजनारायण ने तहसील कर्मियों से मिलीभगत कर खतौनी में उसे मृत दिखाकर उसकी जायदाद अपने नाम करा ली। इसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की तो पता चला कि भोला लालगंज तहसील क्षेत्र के रामपुर खोमर का निवासी है। वहां पर जब जांच टीम गई तो पता चला कि भोला का असली नाम श्यामनारायण सिंह है। रामपुर खोमर गांव के इनके साले रमाशंकर सिंह कहते हैं कि गांव में इन्हें श्याम नारायण के नाम से जाना जाता है और भोला सिंह भी नाम है। इनका इनका मूल निवास अमोई गांव है। भोला सिंह कागजात के मामले में पूछने पर कहते हैं कि घर पर कोई कागज मौजूद नहीं है। ग्रामीण एक बात तो जरूर कह रहे हैं कि इनकी ससुराल इसी गांव में है। अमोई गांव निवासी राज नारायण सिंह को अपना भाई बताने वाले भोला सिंह उर्फ श्याम नारायण का प्रकरण एक मुकदमा के रूप में जिले में चल रहा है। जब से मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लिया है तब से यह प्रकरण गांव के लोगों ने जाना है इसके पूर्व क्या विवाद था गांव के सारे लोगों को पता नहीं था। तहसीलदार सुनील कुमार ने कहा कि भोला के मुकदमे का निर्णय हो गया है। वरासत में उसका नाम खतौनी में दर्ज होगा। इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने एसडीएम लालगंज को जिम्मेदारी दी थी। वहां से जांच आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई। उसके बाद शनिवार को यह निर्णय आया और सोमवार को उसे खतौनी प्रदान की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed