मिर्जापुर। जिले में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में गरीब एवं निर्धन बच्चों के प्रवेश में आ रही समस्याओं की जांच होगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद ने पांच खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच अधिकारी नामित किया है।
यह खंड शिक्षा अधिकारी सेंट मैरी स्कूल व सेंट जेवियर्स स्कूल, वर्धमान पब्लिक स्कूल, सेमफोर्ड स्कूल, डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल, सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर व आदर्श बाल मंदिर तथा लायंस स्कूल मैं गरीब बच्चों के प्रवेश में आ रही समस्याओं के बारे में जांच करेंगे। इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि यह विद्यालय बच्चों का प्रवेश लेने में हीला हवाली करते हैं और अपने को अल्पसंख्यक श्रेणी में बता कर एडमिशन में बच्चों से अधिक की वसूली करते हैं। मांग की गई थी कि इन विद्यालयों की मान्यता आरटीई के तहत एडमिशन न लेने पर निरस्त किया जाए। जिन खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच सौंपी गई है। उसमें संजय कुमार को सेंट मेरी स्कूल व सेंट जेवियर्स स्कूल, सुनील कुमार को वर्धमान पब्लिक स्कूल, सेमफोर्ड स्कूल, राजेश कुमार श्रीवास्तव को डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल, रविंद्र शुक्ला को सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर व आदर्श जैन बाल मंदिर तथा धर्मेंद्र कुमार को लायंस स्कूल की जांच सौंपी गई है। उनसे कहा गया है कि इन विद्यालयों की सघन जांच करते हुए अपनी जांच आख्या तीन दिवस में हर हाल में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।