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बदलते मौसम में रहिए सावधान, खान-पान रखिए दुरुस्त
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मिर्जापुर। मार्च का बदलता मौसम कहीं आपको बीमार ना कर दे, इसलिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मार्च के शुरुआती दिन ऐसे होते हैं, जिसमें कई बार हम थोड़ा लापरवाह हो जाते हैं। इससे अक्सर इस मौसम में लोगों को जुकाम की समस्या हो जाती है। इसके अलाव मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी और उल्टी व पेट दर्द की भी समस्या होती है। मंडलीय अस्पताल में उपचार कराने के लिए इस तरह की मरीज आ रहे हैं।
मंडलीय अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि जैसे मौसम बदलता है। उसका सबसे सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। हमारा शरीर लंबे समय तक एक मौसम का अभ्यस्त हो जाता है। नए मौसम के हिसाब से ढालने के लिए उसको वक्त चाहिए होता है। नए मौसम के लिए अगर हम थोड़ी तैयारी कर लें तो फिर कोई समस्या नहीं होने वाली है। हमें सबसे जरूरी चीज जो करने की जरूरत होती है, वह है लापरवाही न होने दें। कई बार हमें लगता है कि गर्मी हो रही है तो हम पंखा चालू कर लेते हैं और सो जाते हैं। गर्मी लगने पर फैन आन करना ठीक है, लेकिन अभी मौसम ऐसा है कि सुबह के समय ठंड होने लगती है। इसलिए हमें हल्के मोटे ऊनी कंबल या चादर ओढ़कर ही सोना चाहिए। इस समय मच्छर भी लगते है। इसलिए लोग पंखा चलाते है तो मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। मौसम के हिसाब से खान-पान भी बदलना चाहिए। इसके चलते लोग पेट दर्द और दस्त आदि के शिकार हो रहे हे। मंडलीय अस्पताल में इन दिनों ऐसे मरीज ही आ रहे हैं।
फिजीशियन डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम परिवर्तन होने पर अधिक सावधान रहने की जरूरत है। गर्मी लगने पर पंखा चलाएं तो चादर या कंबल पास रखें। खान-पान में भी बदलाव करें। गर्मी आ रही है तो पानी अधिक पीएं। मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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मंडलीय अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि जैसे मौसम बदलता है। उसका सबसे सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। हमारा शरीर लंबे समय तक एक मौसम का अभ्यस्त हो जाता है। नए मौसम के हिसाब से ढालने के लिए उसको वक्त चाहिए होता है। नए मौसम के लिए अगर हम थोड़ी तैयारी कर लें तो फिर कोई समस्या नहीं होने वाली है। हमें सबसे जरूरी चीज जो करने की जरूरत होती है, वह है लापरवाही न होने दें। कई बार हमें लगता है कि गर्मी हो रही है तो हम पंखा चालू कर लेते हैं और सो जाते हैं। गर्मी लगने पर फैन आन करना ठीक है, लेकिन अभी मौसम ऐसा है कि सुबह के समय ठंड होने लगती है। इसलिए हमें हल्के मोटे ऊनी कंबल या चादर ओढ़कर ही सोना चाहिए। इस समय मच्छर भी लगते है। इसलिए लोग पंखा चलाते है तो मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। मौसम के हिसाब से खान-पान भी बदलना चाहिए। इसके चलते लोग पेट दर्द और दस्त आदि के शिकार हो रहे हे। मंडलीय अस्पताल में इन दिनों ऐसे मरीज ही आ रहे हैं।
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फिजीशियन डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम परिवर्तन होने पर अधिक सावधान रहने की जरूरत है। गर्मी लगने पर पंखा चलाएं तो चादर या कंबल पास रखें। खान-पान में भी बदलाव करें। गर्मी आ रही है तो पानी अधिक पीएं। मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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