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बाल श्रीकृष्ण की लीलाओं को देख मंत्रमुग्ध
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 17 Oct 2015 12:46 AM IST
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अमर सिंह फैंस एसोसिएशन एवं मां विंध्यवासिनी सेवा समिति कोलकाता की ओर से मोतियाझील स्थित भंडारा स्थल परिसर में चल रहे भव्य रासलीला का मंचन देखने भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
मंचन के तहत वृंदावन के कलाकारों ने अपने भावपूर्ण मंचन से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंचन के दौरान श्रीकृष्ण के जयकारे से परिसर गुंजायमान हो रहा था। रासलीला मंचन दौरान मयूूर नृृत्य दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।
नौ दिवसीय रासलीला मंचन के तीसरे दिन मथुरा एवं वृंदावन के कलाकारों ने अपने बेहतरीन मंचन से उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
रासलीला के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के मयूर नृत्य एवं बाल लीलाओं के मंचन ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। लीला का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक मनीष औदिच्य ने विधि विधान पूर्वक मां विंध्यवासिनी की आरती व पूजन कर किया।
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रासलीला मंचन के तहत कुबेर भंडारी के दो पुत्र थे, दोनों भाई अप्सराओं को लेकर मंदाकिनी नदी में स्नान कर रहे थे। मद में मदांत होकर नारद जी को देख प्रणाम व दंडवत न करके उनका मजाक उड़ाया।
नारद जी ने उनकी वाणी सुनी तो वह क्रोध में आए और दोनों भाईयों नलकुवल व मनग्रीव को श्राप दिया कि जाओ तुम जड़ हो जाओ। श्राप सुनते ही दोनों भाई नारद जी के चरणों में गिर पड़े।
रासलीला के दौरान संस्था के अध्यक्ष विजय उपाध्याय, सभासद शंकर बिंद, दिनेश्वरपति त्रिपाठी, प्रभात जायसवाल आदि रहे।
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मंचन के तहत वृंदावन के कलाकारों ने अपने भावपूर्ण मंचन से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंचन के दौरान श्रीकृष्ण के जयकारे से परिसर गुंजायमान हो रहा था। रासलीला मंचन दौरान मयूूर नृृत्य दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।
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नौ दिवसीय रासलीला मंचन के तीसरे दिन मथुरा एवं वृंदावन के कलाकारों ने अपने बेहतरीन मंचन से उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
रासलीला के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के मयूर नृत्य एवं बाल लीलाओं के मंचन ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। लीला का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक मनीष औदिच्य ने विधि विधान पूर्वक मां विंध्यवासिनी की आरती व पूजन कर किया।
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रासलीला मंचन के तहत कुबेर भंडारी के दो पुत्र थे, दोनों भाई अप्सराओं को लेकर मंदाकिनी नदी में स्नान कर रहे थे। मद में मदांत होकर नारद जी को देख प्रणाम व दंडवत न करके उनका मजाक उड़ाया।
नारद जी ने उनकी वाणी सुनी तो वह क्रोध में आए और दोनों भाईयों नलकुवल व मनग्रीव को श्राप दिया कि जाओ तुम जड़ हो जाओ। श्राप सुनते ही दोनों भाई नारद जी के चरणों में गिर पड़े।
रासलीला के दौरान संस्था के अध्यक्ष विजय उपाध्याय, सभासद शंकर बिंद, दिनेश्वरपति त्रिपाठी, प्रभात जायसवाल आदि रहे।