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दहेज हत्या के आरोपी पति की जमानत याचिका निरस्त
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मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने बुधवार को दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत निरस्त कर दिया।
अहरौरा थाना क्षेत्र के जानवां गांव निवासी विवेक कुमार ने अपनी 22 वर्षीय बहन सोनी की 11 नंवबर 2018 को जमलपुर थाना क्षेत्र के भदावल गांव निवासी आशीष पटेल पुत्र केवल सिंह से हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद उसकी बहन को पति, ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। 24 सितंबर 2019 को उसकी बहन को प्रताड़ित करते हुए जहर जहर देकर मार डाला और सूचना भी नहीं दिया। 27 सितंबर 2019 को सूचना दिया कि उसके बहन की तबीयत खराब है। बीएचयू पहुंचे तो विपक्षी वहां से भाग गए। 28 को बहन के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद दाह संस्कार करके थाने पर सूचना दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोपी पति आशीष पटेल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल किया। जमानत याचिका का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता सच्चिदानंद तिवारी ने तर्क दिया कि पति दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। जहर देकर मार डाला। इसलिए जमानत दिए जाने योग्य नहीं है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा ने शादी के ढाई वर्ष के अंदर दहेज के लिए प्रताड़ित करने व जहर देकर मारने का आरोप है। अधिवक्ता की दलील और पत्रावली पर मिले साक्ष्य के आधार पर जमानत निरस्त कर दिया गया।
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अहरौरा थाना क्षेत्र के जानवां गांव निवासी विवेक कुमार ने अपनी 22 वर्षीय बहन सोनी की 11 नंवबर 2018 को जमलपुर थाना क्षेत्र के भदावल गांव निवासी आशीष पटेल पुत्र केवल सिंह से हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद उसकी बहन को पति, ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। 24 सितंबर 2019 को उसकी बहन को प्रताड़ित करते हुए जहर जहर देकर मार डाला और सूचना भी नहीं दिया। 27 सितंबर 2019 को सूचना दिया कि उसके बहन की तबीयत खराब है। बीएचयू पहुंचे तो विपक्षी वहां से भाग गए। 28 को बहन के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद दाह संस्कार करके थाने पर सूचना दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोपी पति आशीष पटेल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल किया। जमानत याचिका का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता सच्चिदानंद तिवारी ने तर्क दिया कि पति दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। जहर देकर मार डाला। इसलिए जमानत दिए जाने योग्य नहीं है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा ने शादी के ढाई वर्ष के अंदर दहेज के लिए प्रताड़ित करने व जहर देकर मारने का आरोप है। अधिवक्ता की दलील और पत्रावली पर मिले साक्ष्य के आधार पर जमानत निरस्त कर दिया गया।
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