विंध्याचल। कोतवाली क्षेत्र के पुरानी वीआईपी मार्ग तिराहे पर स्थित दस विद्या महा मंदिर में पिछले 10 वर्ष से रह रहे बिहार के धरमपुर निवासी अशोक मिश्रा ने परिवार के भरण-पोषण की चिंता में सोमवार की सुबह फंदे पर लटककर आत्महत्या करने की कोशिश की। समय राहते लोग उन्हें फंदे से उतारकर मंडलीय अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां हालत में सुधार आया है।
बिहार के धरमपुर निवासी अशोक मिश्रा 10 वर्ष पूर्व अपने परिवार के साथ क्षेत्र के पुरानी वीआईपी मार्ग तिराहे पर स्थित दस विद्या महा मंदिर में रहकर विंध्याचल धाम में पूजापाठ कराते थे। परिवार में पत्नी और दो बच्चे है। लाकडाउन के चलते उनको परिवार के भरण पोषण की चिंता सताने लगी। सुबह आठ बजे दस विद्या महा मंदिर परिसर की खिड़की के ऊपर गमछा का फंदा बनाकर झूल गए। चीख-पुकार होने पर आसपास के लोगों ने फंदे से उतारकर एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार लाक डाउन होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिवार का भरण पोषण करने में बाधा हो रही थी। वहीं मकान मालिक का दावा है कि उन्होंने कहा था कि भले ही लाक डाउन है, पर उनसे कहा गया था कि वे हमारे परिवार के सदस्य हैं। उनके परिवार का भरण-पोषण होगा। किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।