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Mirzapur News: 12 दिन बाद शुरु हुआ अतरैला टोल प्लाजा
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अतरैला शिवगुलाम टोल प्लाजा, संवाद
- रोज 20 लाख से अधिक का हो रहा था राजस्व घाटा
लालगंज। वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-135 पर लालगंज के अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा में जलभराव के चलते 12 दिन से बंद टोल वसूली मंगलवार की देर रात फिर शुरू हो गई। 18 अगस्त से टोल बूथों और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) उपकरणों में पानी भर जाने से फास्टैग आधारित टोल संग्रह ठप था। इस दौरान हर दिन 20 लाख रुपये से अधिक राजस्व की क्षति हुई।
वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत पूर्वांचल के कई जिलों को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतरैला टोल प्लाजा से बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे व्यस्त मार्ग पर 12 दिन तक टोल वसूली प्रभावित होने से राजस्व के साथ ही हाईवे की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। भारी बारिश के बाद टोल बूथों, फास्टैग स्कैनिंग लेन और ईटीसी सिस्टम में पानी भर गया था। प्लाजा पर 18 ईटीसी बूथ हैं। जलभराव से उपकरणों में तकनीकी खराबी आने से टोल व्यवस्था बहाल करने में समय लगा। जलभराव कम करने के लिए मशीन और क्रेन की मदद से हाईवे किनारे मिट्टी हटाकर पानी की निकासी का अस्थायी रास्ता बनाया गया। आधुनिक तकनीक और बेहतर सड़क निर्माण के बावजूद टोल प्लाजा जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर बारिश का पानी नहीं निकल पाने से न केवल यातायात और टोल संचालन प्रभावित हुआ बल्कि करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान भी हुआ। टोल वसूली कंपनी के प्रबंधक आशीष राय ने बताया कि तकनीकी खराबी दूर करने के बाद बीती देर रात से टोल वसूली शुरू कर दी गई है। 12 दिनों तक टोल संग्रह प्रभावित रहने से प्रतिदिन 20 लाख रुपये से अधिक राजस्व का नुकसान हुआ।
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लालगंज। वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-135 पर लालगंज के अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा में जलभराव के चलते 12 दिन से बंद टोल वसूली मंगलवार की देर रात फिर शुरू हो गई। 18 अगस्त से टोल बूथों और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) उपकरणों में पानी भर जाने से फास्टैग आधारित टोल संग्रह ठप था। इस दौरान हर दिन 20 लाख रुपये से अधिक राजस्व की क्षति हुई।
वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत पूर्वांचल के कई जिलों को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतरैला टोल प्लाजा से बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे व्यस्त मार्ग पर 12 दिन तक टोल वसूली प्रभावित होने से राजस्व के साथ ही हाईवे की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। भारी बारिश के बाद टोल बूथों, फास्टैग स्कैनिंग लेन और ईटीसी सिस्टम में पानी भर गया था। प्लाजा पर 18 ईटीसी बूथ हैं। जलभराव से उपकरणों में तकनीकी खराबी आने से टोल व्यवस्था बहाल करने में समय लगा। जलभराव कम करने के लिए मशीन और क्रेन की मदद से हाईवे किनारे मिट्टी हटाकर पानी की निकासी का अस्थायी रास्ता बनाया गया। आधुनिक तकनीक और बेहतर सड़क निर्माण के बावजूद टोल प्लाजा जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर बारिश का पानी नहीं निकल पाने से न केवल यातायात और टोल संचालन प्रभावित हुआ बल्कि करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान भी हुआ। टोल वसूली कंपनी के प्रबंधक आशीष राय ने बताया कि तकनीकी खराबी दूर करने के बाद बीती देर रात से टोल वसूली शुरू कर दी गई है। 12 दिनों तक टोल संग्रह प्रभावित रहने से प्रतिदिन 20 लाख रुपये से अधिक राजस्व का नुकसान हुआ।
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