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गरीबी में पली नक्सल गांव की बेटी बनी देश की उड़नपरी
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एथलीट -केएम चंदा
- फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। कड़ी मेहनत, बुलंद हौसले के बदौलत नक्सल प्रभावित राजगढ़ ब्लाक के सोनपुर गांव की बेटी चंदा गरीबी में पलते हुए देश की उड़नपरी बनने गई है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाली चंदा का सपता देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का है। जिसके लिए वह दिल्ली के भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं) में कोच कुलवीर सिंह की निगरानी में कोचिंग कर रही है।
गांव की पगड़डी पर दौड़ते हुए चंदा ने देश के लिए खेलने हुए ओलंपिक मेडल जीतने का सपता सजो लगी। उसकी उम्मीदों को पंख तब लगने शुरु हुए जब वह 2017 में पढ़ाई करते हुए स्कूल में होनी खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने लगी। जिले और आस-पास के जिलों मे होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में अपना लोहा मनवाने वाली चंदा ने के लिए विद्यालययी गेम्स टर्निंग प्वाइंट बना। 2019 में पंजाब प्रदेश के संगरुर जिले में आयोजित स्कूल गेम्स ऑफ इंडिया की अगुआई में 11 से 15 दिसम्बर के बीच हुए राष्ट्रीय विद्यालीय एथलेटिक्स-19 प्रतियोगिता में चंदा ने दो स्वर्ण, एक रजत पदक झटका। इस प्रतियोगिता में मिले मेडल ने चंदा को सुर्खियां दिलाई। इसके बाद चंदा ने मुड़कर नहीं देखा। उसने लगातार प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर मेडल की झड़ी लगा दी, पर उसकी असल प्रतिभा को दिल्ली के भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं) में कोच कुलवीर सिंह ने पहचाना। दिल्ली से खेलते हुए वह देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने की तैयारी कर रही है।
.केएम चंदा की प्रतिभा को दिल्ली के एथलेटिक्स कोच कुलवीर सिंह को पहचाना। दिल्ली सरकार के एथलेटिक्स कोच की मेहनम के बदौलत चंदा खेलो इंडिया खेला यूथ गेम्स के लिए चयनित हुई। गरीबी के बाद भी मां के हौसले नहीं डिगे। हीरामनी ने बेटी को हौसला दिया। जिसके बूते वह उड़नपरी बनने की ओर अग्रसर है।
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गरीबी में पल कर देश व प्रदेश के लिए गोल्ड और सिल्वर पदक जितने वाली केएम चंदा के पिता चार वर्षो से टीबी रोग से जूझ रहे है, पर अब तक कोई सरकारी मदद नहीं मिल सकी है। परिवार अभी भी मुफलिसी की जिंदगी जी रहा है। बेटी को पालने वाली मां हीरातमनी ने बताया कि पति की बीमारी के चलते छह बिस्वा जमीन भी बिक चुकी है।
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केएम चंदा का अब तक का रिकार्ड
-खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2020 में 3000 मीटर दौड़ में केएम चंदा ने मात्र 9:44.99 में पूरा कर गोल्ड के साथ यूथ गेम्स में नया रिकॉर्ड बनाया।
-खेलो इंडिया में 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर के साथ दूसरा (4:22.99) रिकार्ड बनाया।
-दिसंबर, 2019 में नेपाल में साउथ एशियन गेम्स में 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता।
-नेशनल एथलेटिक्स 2019 में 800 मीटर दौड़ में दो मिनट नौ सेकंड में पूरा कर गोल्ड जीता।
-1500 मीटर रेस चार मिनट 26.85 सेकंड में पूरा कर केरल की ए मैरीमैन्युल का चार मिनट 42.47 सेकंड का रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता।
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गांव की पगड़डी पर दौड़ते हुए चंदा ने देश के लिए खेलने हुए ओलंपिक मेडल जीतने का सपता सजो लगी। उसकी उम्मीदों को पंख तब लगने शुरु हुए जब वह 2017 में पढ़ाई करते हुए स्कूल में होनी खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने लगी। जिले और आस-पास के जिलों मे होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में अपना लोहा मनवाने वाली चंदा ने के लिए विद्यालययी गेम्स टर्निंग प्वाइंट बना। 2019 में पंजाब प्रदेश के संगरुर जिले में आयोजित स्कूल गेम्स ऑफ इंडिया की अगुआई में 11 से 15 दिसम्बर के बीच हुए राष्ट्रीय विद्यालीय एथलेटिक्स-19 प्रतियोगिता में चंदा ने दो स्वर्ण, एक रजत पदक झटका। इस प्रतियोगिता में मिले मेडल ने चंदा को सुर्खियां दिलाई। इसके बाद चंदा ने मुड़कर नहीं देखा। उसने लगातार प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर मेडल की झड़ी लगा दी, पर उसकी असल प्रतिभा को दिल्ली के भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं) में कोच कुलवीर सिंह ने पहचाना। दिल्ली से खेलते हुए वह देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने की तैयारी कर रही है।
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.केएम चंदा की प्रतिभा को दिल्ली के एथलेटिक्स कोच कुलवीर सिंह को पहचाना। दिल्ली सरकार के एथलेटिक्स कोच की मेहनम के बदौलत चंदा खेलो इंडिया खेला यूथ गेम्स के लिए चयनित हुई। गरीबी के बाद भी मां के हौसले नहीं डिगे। हीरामनी ने बेटी को हौसला दिया। जिसके बूते वह उड़नपरी बनने की ओर अग्रसर है।
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गरीबी में पल कर देश व प्रदेश के लिए गोल्ड और सिल्वर पदक जितने वाली केएम चंदा के पिता चार वर्षो से टीबी रोग से जूझ रहे है, पर अब तक कोई सरकारी मदद नहीं मिल सकी है। परिवार अभी भी मुफलिसी की जिंदगी जी रहा है। बेटी को पालने वाली मां हीरातमनी ने बताया कि पति की बीमारी के चलते छह बिस्वा जमीन भी बिक चुकी है।
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केएम चंदा का अब तक का रिकार्ड
-खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2020 में 3000 मीटर दौड़ में केएम चंदा ने मात्र 9:44.99 में पूरा कर गोल्ड के साथ यूथ गेम्स में नया रिकॉर्ड बनाया।
-खेलो इंडिया में 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर के साथ दूसरा (4:22.99) रिकार्ड बनाया।
-दिसंबर, 2019 में नेपाल में साउथ एशियन गेम्स में 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता।
-नेशनल एथलेटिक्स 2019 में 800 मीटर दौड़ में दो मिनट नौ सेकंड में पूरा कर गोल्ड जीता।
-1500 मीटर रेस चार मिनट 26.85 सेकंड में पूरा कर केरल की ए मैरीमैन्युल का चार मिनट 42.47 सेकंड का रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता।