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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   At present the time of Shringaar Aarti will not change, final decision will be taken on 26th

Mirzapur News: संशोधित - फिलहाल नहीं बदलेगा शृंगार आरती का समय, अंतिम निर्णय 26 को

Wed, 05 Feb 2025 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Feb 2025 12:21 AM IST
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At present the time of Shringaar Aarti will not change, final decision will be taken on 26th
मां विंध्यवासिनी की तीन दैनिक आरती के समय में बदलाव का जो निर्णय एक फरवरी को श्री विंध्य पंडा समाज की आम सभा में लिया गया था, फिलहाल वह अभी लागू नहीं होगा। इस पर अंतिम निर्णय 26 फरवरी को विंध्य विकास परिषद और पंडा समाज की संयुक्त बैठक में लिया जाएगा।
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मंगलवार को श्री विंध्य पंडा समाज के प्रतिनिधियों ने आम सभा में लिए गए निर्णय संबंधी प्रस्ताव जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को सौंपा। डीएम ने 26 फरवरी को परिषद और पंडा समाज की संयुक्त बैठक में अंतिम निर्णय लेने की बात कही है।
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श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि महाकुंभ मेले की वजह से जिला प्रशासन शिवरात्रि तक काफी व्यस्त है। इसलिए बाद में चर्चा कर नियम लागू होंगे। मंत्री भानु पाठक ने बताया कि श्री विंध्य पंडा समाज की व्यवस्थापिका समिति व आम तीर्थ पुरोहितों की एक फरवरी को आम सभा आयोजित हुई थी। जिसमें दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए आरती के समय में परिवर्तन करने की बात कही गई। इसके अनुसार मंगला आरती सुबह तीन से चार बजे, मध्यान्ह आरती दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे तक, गोधुरी आरती शाम 6: 30 बजे से 7: 30 बजे तक तथा रात्रि शयन आरती रात 11 बजे से 12 बजे तक होगी। उसके बाद मां का कपाट दर्शन के लिए बंद कर दिया जाएगा। पंडा समाज की आम सभा में प्रस्ताव पास होने के बाद इसे डीएम के समक्ष लाया गया।
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इनसेट ---

यह है मंदिर की व्यवस्था



- मंदिर में विंध्य विकास परिषद और श्री विंध्य पंडा समाज दोनों संयुक्त रूप से व्यवस्थापिका के रूप में काम कर कर रहे हैं। विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं। कोई व्यवस्था विकास परिषद और पंडा समाज के संयुक्त निर्णय से लागू होरी है। इसलिए पंडा समाज के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर अपने फैसले को डीएम के समक्ष रखा।


कोट्स-
मां विंध्यवासिनी मंदिर से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। मंदिर में सालों से चली आ रही परंपरा को तुरंत बदलना उचित नहीं है। पूजा-पाठ से जुड़े नियमों में बदलाव से पहले सभी पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाना चाहिए। 26 फरवरी को सभी पहलुओं पर मंथन कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। - प्रियंका निरंजन, जिलाधिकारी
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