मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल वाहन चालकों के लाइसेंस का नियमानुसार सत्यापन किया जाए। साथ ही उनके चरित्र के बारे में भी सत्यापन संबंधित थाना के द्वारा कराया जाए। एआरटीओ रविकांत शुक्ला ने जिलाधिकारी को बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को दो हजार रुपये मुख्य चिकित्साधिकारी की संस्तुति पर दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस पूछताछ कर परेशान नहीं करेगी। दुर्घटना स्थल के नजदीक किसी भी अस्पताल में ले जाने पर अस्पताल प्रशासन के द्वारा प्राथमिक उपचार हेतु भर्ती करने से मना नहीं किया जाएगा।
बैठक में अधिक दुर्घटना वाले स्थलों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ब्लैक स्पॉट पर नियमानुसार बोर्ड लगाएंगे। जिलाधिकारी ने दो पहिया वाहन चालकों से हेलमेट लगाकर तथा चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की अपील भी की। बैठक में ड्राइविंग इंस्टीट्यूट के लिए जमीन पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के मुआवजे के लिए तहसील से होने वाली सत्यापन रिपोर्ट संबंधित उपजिलाधिकारी समय से भिजवाना सुनिश्चित करें, ताकि मृत परिवार को मुआवजा समय से दिया जा सके। भारी वाहनों के ओवर लोडिंग के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करें। साथ ही नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस को निलंबित कराने के लिए आरटीओ कार्यालय को अवगत कराया जाए। बैठक में अपर जिला मजिस्ट्रेट यूपी सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, उप जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार, शिव प्रसाद, विमल दुबे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।