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Mirzapur News: पिता-पुत्र, कलेक्ट्रेट के लिपिक और चार अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज

Sat, 06 Jun 2026 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:27 AM IST
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An FIR has been lodged against a father-son duo
कूट रचित दस्तावेज के जरिये धोखाधड़ी और धमकी देने पर भाई ने की थी शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी

मिर्जापुर। शहर कोतवाली के सिविल लाइन तिराहे पर स्थित पेट्रोल पंप पर कब्जे के लिए चल रहे विवाद में कूटरचित दस्तावेज से धोखाधड़ी करने, धमकी देने के मामले में पिता-पुत्र महेश कुमार घनश्यानी और निखिल घनश्यानी और कलेक्ट्रेट के लिपिक नवीन राम व चार अन्य अज्ञात पर कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।


सिविल लाइन निवासी दिनेश कुमार घनश्यानी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह फर्म गिरधर मूरत सर्विस स्टेशन का साझेदार है। पेट्रोल पंप की जमीन 1971 से 2001 तक इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकृत डीलर में गिरधर मूरत सर्विस स्टेशन के नाम पट्टे पर रही। शासन द्वारा जारी शासनादेश पर 23 मई 1992 को नजूल भूमि को पट्टे धारक, किरायेदार या काबीजदार के पक्ष में फ्री होल्ड करने का प्रावधान किया गया था। इसके अंतर्गत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 1995 में तत्कालीन डीएम को अपने अधिकृत डीलर मेसर्स गिरधर मूरत सर्विस स्टेशन के पक्ष में फ्री होल्ड करने के लिए सहमति पत्र दिया था। पर कुछ समय बाद महेश कुमार घनश्यानी अन्य आरोपियों के सहयोग से वास्तविक तथ्यों को छिपाकर कूटरचित दस्तावेज से अपने नाम से भूमि को 16 दिसंबर 2008 में फ्री होल्ड करवा लिया। जबकि शासनादेश फ्री होल्ड पुराने लीज होल्डर, किराएदार या काबीजदार के पक्ष में ही किया जाने का प्रावधान है। इस प्रकरण में कलेक्ट्रेट का लिपिक नवीन राम ने गिरधर मूरत सर्विस स्टेशन कूटरचित तरीके से अंकित कराकर संपत्ति फर्म गिरधर मूरत सर्विस स्टेशन की बजाय महेश कुमार के नाम फ्रीहोल्ड करने का षडयंत्र किया व कराया गया है। महेश कुमार घनश्यानी अपने पुत्र निखिल से मिलकर आए दिन पेट्रोल पंप के आउटलेट व अन्य संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा करने के फिराक में रहता है। मना करने पर जान से मारने की धमकी देता है। प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए। शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा ने न्यायालय के आदेश पर महेश घनश्यानी, निखिल घनश्यानी, लिपिक नवीन राम व चार कलेक्ट्रेट के अज्ञात अधिकारी व कर्मचारी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा करने व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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