मिर्जापुर। पथरहिया स्थित विकास भवन सभागार में बुधवार को सीडीओ की अध्यक्षता में यू-डायस के तहत ड्रॉप बॉक्स मैनेजमेंट से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीडीओ विशाल कुमार ने कहा कि जो छात्र ड्रॉप आउट हैं, उनका भी नामांकन कराकर इंपोर्ट करें।
सीडीओ ने कहा कि एसआरजी, एआरपी व नोडल संकुल शिक्षकों को खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय आवंटन कर समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को दो दिनों में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए अवशेष बच्चों को संबंधित विद्यालयों में इंपोर्ट कराएं। जो छात्र ड्रॉप आउट हो गए हैं, उनका नामांकन कराते हुए उन्हें भी इंपोर्ट कराएं। कहा कि जिन मान्यता प्राप्त विद्यालयों द्वारा ड्रॉप बॉक्स खाली नहीं किया जा रहा है, उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी नोटिस जारी करते हुए कार्य कराएं। इसके बावजूद भी उनके द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही हो तो खंड शिक्षा अधिकारी उनके मान्यता प्रत्याहरण के लिए संस्तुति सहित पत्रावली जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करें। 10 दिन बाद पुनः एक बैठक की जाएगी, खराब प्रदर्शन वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक व संबंधित नोडल के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि साल 2024-25 में प्रारंभिक स्तर के 56161 छात्र-छात्राओं की गूगल शीट तैयार कर विद्यालयों द्वारा उनके अभिभावकों से संपर्क कर या फोन कराकर 31158 का चिह्नांकन कर उन्हें संबंधित विद्यालयों द्वारा यू-डायस पोर्टल पर इंपोर्ट कराया गया। वर्तमान में अवशेष कक्षा 1-12 के कुल 39678 छात्र-छात्राओं (कक्षा 1-8 उत्तीर्ण 27727 छात्र-छात्राओं सहित) को इम्पोर्ट करने अथवा विद्यालय से बाहर जाने के कारण उनके स्टेटस परिवर्तन संबधी यह प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सभी बीईओ, एआरपी, समस्त नोडल संकुल शिक्षकों व बीआरसी पर कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटर/यू-डायस का कार्य कर रहे कर्मियों ने प्रतिभाग किया।