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Mirzapur News: गलत दवा देने का आरोप, सीएम पोर्टल पर की शिकायत
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-ड्रमंडगंज क्षेत्र के बबुरा कलां गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
हलिया। ड्रमंडगंज क्षेत्र के बबुरा कलां गांव निवासी दिनेश सिंह ने गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह ने आरोप लगाया कि कि 20 फरवरी को 18 वर्षीया बेटी स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव के रतेह चौराहे पर क्लीनिक चिरंजीवी मेडिकल पर दिखाया। उसने पुत्री को एक सप्ताह की दवा दी। बेटी ने दवा खाया तो चार दिन बाद घर पर ही गश खाकर गिर गई। उसे चलने में भी दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत हालत खराब हो गई। गंभीर हालत देखकर बेटी को मंडलीय चिकित्सालय में ले जाकर चिकित्सक को दिखाया। बेटी की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सक ने 27 फरवरी को वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला।
बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा से तबीयत खराब हुई है। बेटी को चलने में भी परेशानी हो रही है। उसकी याददाश्त में सुधार नहीं हो पा रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए जिम्मेदार झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। बिना पंजीकरण वाले क्लिनिक संचालक के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हलिया। ड्रमंडगंज क्षेत्र के बबुरा कलां गांव निवासी दिनेश सिंह ने गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह ने आरोप लगाया कि कि 20 फरवरी को 18 वर्षीया बेटी स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव के रतेह चौराहे पर क्लीनिक चिरंजीवी मेडिकल पर दिखाया। उसने पुत्री को एक सप्ताह की दवा दी। बेटी ने दवा खाया तो चार दिन बाद घर पर ही गश खाकर गिर गई। उसे चलने में भी दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत हालत खराब हो गई। गंभीर हालत देखकर बेटी को मंडलीय चिकित्सालय में ले जाकर चिकित्सक को दिखाया। बेटी की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सक ने 27 फरवरी को वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला।
बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा से तबीयत खराब हुई है। बेटी को चलने में भी परेशानी हो रही है। उसकी याददाश्त में सुधार नहीं हो पा रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए जिम्मेदार झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। बिना पंजीकरण वाले क्लिनिक संचालक के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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