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आदिशक्ति के दर पर श्रद्धा से झुके शीश
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 25 Mar 2015 12:41 AM IST
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चैत्र नवरात्र के चतुर्थ व पंचमी तिथि पर मंगलवार को विंध्य दरबार में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। माता का भव्य शृंगार का दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे ।
बता दें विंध्यधाम में लंबी कतार और तमाम दिक्कताें के बीच माता के दर्शन को लालायित श्रद्धालुआें के उत्साह में किसी तरह की कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। मंगलवार भोर में मंगला आरती के बाद से ही माता के दर्शन-पूजन का दौर शुरू हो गया था, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा।
देवी मईया के पावन धाम में शीश झुकाने के पूर्व कई श्रद्धालुओं ने विंध्याचल के गंगा घाटाें पर पहुंच कर स्नान किया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु डलिया में गुड़हल व गुलाब फूल की माला सहित नारियल-चुनरी व अन्य प्रसाद लेकर विंध्यधाम में प्रवेश किया। विंध्याचल मंदिर पहुंचने पर जगत जननी के नयनाभिराम स्वरूप को देखकर श्रद्धालु निहाल हो गए।
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महिलाआें ने हलवा-पूड़ी का भोग लगाकर विधिवत मां की आराधना की।
माता के दर पर शीश झुकाने के बाद नर-नारियाें ने मेला क्षेत्र की विभिन्न गलियाें में सजी दुकानाें से गृहपयोगी वस्तुआें की जमकर खरीदारी भी की। विंध्याचल धाम परिसर में तैनात पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ ही स्काउट-गाइड व श्री विंध्य पंडा समाज के लोग भक्ताें को नियंत्रित करने में जुटे रहे। दूरदराज से आए दर्शनार्थियाें द्वारा बोल सांचे दरबार की जय, जय मां शेरवाली, जय मां खप्परवाली आदि उद्घोष से संपूर्ण विंध्यधाम गुंजायमान हो रहा था।
बता दें विंध्यधाम में लंबी कतार और तमाम दिक्कताें के बीच माता के दर्शन को लालायित श्रद्धालुआें के उत्साह में किसी तरह की कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। मंगलवार भोर में मंगला आरती के बाद से ही माता के दर्शन-पूजन का दौर शुरू हो गया था, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा।
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देवी मईया के पावन धाम में शीश झुकाने के पूर्व कई श्रद्धालुओं ने विंध्याचल के गंगा घाटाें पर पहुंच कर स्नान किया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु डलिया में गुड़हल व गुलाब फूल की माला सहित नारियल-चुनरी व अन्य प्रसाद लेकर विंध्यधाम में प्रवेश किया। विंध्याचल मंदिर पहुंचने पर जगत जननी के नयनाभिराम स्वरूप को देखकर श्रद्धालु निहाल हो गए।
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महिलाआें ने हलवा-पूड़ी का भोग लगाकर विधिवत मां की आराधना की।
माता के दर पर शीश झुकाने के बाद नर-नारियाें ने मेला क्षेत्र की विभिन्न गलियाें में सजी दुकानाें से गृहपयोगी वस्तुआें की जमकर खरीदारी भी की। विंध्याचल धाम परिसर में तैनात पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ ही स्काउट-गाइड व श्री विंध्य पंडा समाज के लोग भक्ताें को नियंत्रित करने में जुटे रहे। दूरदराज से आए दर्शनार्थियाें द्वारा बोल सांचे दरबार की जय, जय मां शेरवाली, जय मां खप्परवाली आदि उद्घोष से संपूर्ण विंध्यधाम गुंजायमान हो रहा था।