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चुनार में गंगा खतरे के निशान के पार

Sun, 21 Aug 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर Updated Sun, 21 Aug 2016 12:19 AM IST
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Across the Ganges Chunar danger
बाढ़ में फंसे बच्चे
दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे गंगा का जलस्तर चुनार में दोपहर बाद खतरे का निशान 255 फीट को पार कर गया। जिसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में एलर्ट जारी कर दिया है। उपजिलाधिकारी जैनेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सभी बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों में तैनात कर्मचारियों को चेतावनी दे दी गई है कि वह 24 घंटे ड्यूटी पर मौजूद रहे। जिले के नरायनपुर, कोन, छानबे और कछवां ब्लाक के गांवों में भी पानी पहुंच गया है। इन गांवों में लोग छतों पर सहारा लिए हुए हैं। इन गांवों में नावें चलने लगी हैं।  मेजा, अदवा और मध्यप्रदेश के टौंस बांधों से पानी छोड़े जाने से स्थिति भयावह हो चुकी है।
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गंगा का जलस्तर अभी भी बढ़ाव पर है। मिर्जापुर में सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 77.350 मीटर था जो शाम को चार बजे 77.550 मीटर पहुंच गया। अब यहां गंगा खतरे के निशान से मात्र डेढ़ सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं। उधर चुनार तहसील के 44 गांवों व  नगर में बाढ़ का पानी घुस गया है।  सैकड़ों मकान जलमगभन हो गए हैं। मुख्य सड़कों पर पानी आ जाने से कई मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन ने ग्रामीण और नगरीय इलाके के दो दर्जन स्थानों पर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए 24 नावें लगा दी हैं। जिन पर सुरक्षाकर्मी के साथ राजस्व कर्मचारियों की तैनाती की गई है। शनिवार को बालूघाट स्थित संतोषी माता मंदिर पर  लगाए गए जल स्तर मापन स्केल पर सुबह आठ बजे जलस्तर खतरे के निशान के समीप पहुंच गया था। जो अपराह्न तीन बजे खतरे के निशान को पार कर गया।
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बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान तहसील के गंगापार कृयात  और ढाब के इलाके में हुआ है। हजारों बीधे खेत और फसल पूरी तरह जलमगभन हो गए हैं। गांवों में पानी घुसने से लोग अपने सामानों को ले कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। प्रशासन ने दस स्थानों पर राहत शिविर की स्थापना की है। जिसमें आवश्यक सुविधाएं व चिकित्सा सुविधा मौजूद है। पशुओं के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। उधर कोन के दलापट्टी, मल्लेपुर और हरसिंगपुर में, सिटी ब्लाक के नेवढ़िया, पिपराडाढ़, माधोपुर, मझवां के भटौली और छानबे के अकोढ़ी में पानी घुस गया।
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