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सात सौ करोड़ रुपये से बनेगा गंगा पर नया पुल
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गंगा पर लंबे समय से नए पुल की मांग जल्द ही पूरी होने वाली है। शास्त्री सेतु के समानांतर एक फोरलेन पुल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही मिर्जापुर की तरफ एक आरओबी का भी निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों पर सात सौ करोड़ की लागत आएगी। एनएच ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल किया है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कई बार इसको लेकर पत्राचार किया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्वीकृति दे दी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 135ए देश के कई प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसी मार्ग पर गंगा पर बना शास्त्री सेतु काफी जर्जर हो चुका है। इसकी वजह से अक्सर आवागमन प्रभावित होता है। भारी वाहनों के संचालन पर भी रोक है। क्षेत्र की जनता व जनप्रतिनिधि लंबे समय से नए पुल की मांग कर रहे थे। अब इसको स्वीकृति मिल गई है। साथ ही शहर में आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए मिर्जापुर बाईपास को भी फोरलेन किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 700 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस विशेष कार्य की स्वीकृति मिलने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताया है। शास्त्री ब्रिज के समानांतर फोर लेन पुल के निर्माण से शहर में आवागमन तेज होगा। जनपदवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। जनपद के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा बाईपास के निर्माण से शहर में अतिरिक्त वाहनों का दबाव कम होगा। शास्त्री सेतु के समानांतर बनने वाला सेतु ओझला पुल के पास से शुरू होकर चील्ह गोपीगंज मार्ग पर श्रीपट्टी के समीप तक जाएगा। वहीं से मिर्जापुर, प्रयागराज व वाराणसी के लिए अलग-अलग मार्ग निकलेंगे। इससे सुगमता से लोग अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। फोर लेन पुल के साथ ही ओझला पुल के समीप एक आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) का भी निर्माण होगा। पुल और आरओबी की कुल लंबाई ढाई किलोमीटर होगी। इसके अलावा मिर्जापुर-लालगंज हाईवे 135 को औराई विंध्याचल मार्ग 135ए से जोड़ने की भी तैयारी है। दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ने के बाद कोलकाता, वाराणसी और मध्य प्रदेश के बीच परिवहन सुगम हो जाएगा। इसकी भी तैयारी चल रही है। राज्य सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय का कहना है कि शास्त्री सेतु के समानांतर एक फोर लेन पुल का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें आरओबी भी शामिल है। ओझला पुल के समीप से यह सेतु निकलेगा। इसके बन जाने पर यातायात सुचारु होने के साथ ही क्षेत्र के विकास में भी गति आएगी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग 135ए देश के कई प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसी मार्ग पर गंगा पर बना शास्त्री सेतु काफी जर्जर हो चुका है। इसकी वजह से अक्सर आवागमन प्रभावित होता है। भारी वाहनों के संचालन पर भी रोक है। क्षेत्र की जनता व जनप्रतिनिधि लंबे समय से नए पुल की मांग कर रहे थे। अब इसको स्वीकृति मिल गई है। साथ ही शहर में आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए मिर्जापुर बाईपास को भी फोरलेन किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 700 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस विशेष कार्य की स्वीकृति मिलने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताया है। शास्त्री ब्रिज के समानांतर फोर लेन पुल के निर्माण से शहर में आवागमन तेज होगा। जनपदवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। जनपद के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा बाईपास के निर्माण से शहर में अतिरिक्त वाहनों का दबाव कम होगा। शास्त्री सेतु के समानांतर बनने वाला सेतु ओझला पुल के पास से शुरू होकर चील्ह गोपीगंज मार्ग पर श्रीपट्टी के समीप तक जाएगा। वहीं से मिर्जापुर, प्रयागराज व वाराणसी के लिए अलग-अलग मार्ग निकलेंगे। इससे सुगमता से लोग अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। फोर लेन पुल के साथ ही ओझला पुल के समीप एक आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) का भी निर्माण होगा। पुल और आरओबी की कुल लंबाई ढाई किलोमीटर होगी। इसके अलावा मिर्जापुर-लालगंज हाईवे 135 को औराई विंध्याचल मार्ग 135ए से जोड़ने की भी तैयारी है। दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ने के बाद कोलकाता, वाराणसी और मध्य प्रदेश के बीच परिवहन सुगम हो जाएगा। इसकी भी तैयारी चल रही है। राज्य सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय का कहना है कि शास्त्री सेतु के समानांतर एक फोर लेन पुल का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें आरओबी भी शामिल है। ओझला पुल के समीप से यह सेतु निकलेगा। इसके बन जाने पर यातायात सुचारु होने के साथ ही क्षेत्र के विकास में भी गति आएगी।
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