{"_id":"62-81604","slug":"Mirzapur-81604-62","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार किसानों से किए वादों को नहीं कर रही पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार किसानों से किए वादों को नहीं कर रही पूरा
Mirzapur
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
मिर्जापुर। आदिवासियों की जमीनों से उजाड़ने, मनरेगा कार्यों में धांधली, क्रय केंद्रों पर धांधली तथा उर्वरकों की काला बाजारी को रोकने की मांग को लेकर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार से कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन शुरू किया।
भूख हड़ताल का नेतृत्व भाकपा माले राज्य स्थायी कमेटी के सदस्य ओम प्रकाश सिंह, खेत मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष शंकर कोल, अभा किसान महा सभा के जिला सचिव भक्त प्रकाश श्रीवास्तव, महिला संगठन एपवा की जिलाध्यक्ष अहमदी बेगम, इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष आशाराम भारती, कालीन मजदूर महा सभा के अध्यक्ष राजाराम यादव ने संयुक्त रुप से की।
भाकपा नेताओं ने कहा कि वनाधिकार कानून तो नहीं लागू हुआ बावजूद इसके कई पीढ़ियों से रह रहे गरीब आदिवासियों के आशियाना को सरकार द्वारा लगातार उजाड़ा जा रहा है। कहा कि जब भी प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो लगता है कि माफियाओं और दबंगों का राज आ गया है। माले नेताओं ने कहा कि प्रदेश की अखिलेश सरकार ने जो वादा किया, उसमें भी धोखाधड़ी कर रही है। चुनाव के समय किसानों से कहा गया कि सभी किसानों का पचास हजार तक का कर्ज माफ किया जाएगा। लेकिन सरकार द्वारा अब मात्र उप्र सहकारी ग्राम्य बैंक से कर्ज लिए किसानों का ही कर्ज माफ कर रही है, उसमें भी जिस किसान ने 31 मार्च तक मूलधन का दस प्रतिशत जमा किया है। माले नेताओं ने कहा कि क्रय केंद्रों पर व्यापक धांधली और अनियमितता व्याप्त है। उर्वरकों की कालाबाजारी हो रही है। मनरेगा कार्यों में लूट खसोट मची हुई है। गांव में किसी भी गरीब को काम नहीं मिल रहा है। सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। बसपा जैसी पार्टी चुप्पी साधे हुए है। माले नेताओं ने कहा कि हमारी पार्टी ग्रामीणों, गरीबों और किसानों के दम पर मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष तेज करेगी। शुक्रवार को भूख हड़ताल पर रामकृत बियार, बसंत कोल, बसंती देवी, महंगी पासवान, मन्ना देवी, फुलवंती देवी, रजवंती, सोनकली, सीता देवी, छोटे लाल, चिंता कोल, बोधी, केशर, केवला, हरि लाल, मदन, श्याम कुमार, निजाम, मंगरु, किशोरी, ओम प्रकाश पटेल आदि भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस अवसर पर धरने पर जीरा भारती, महादेव, श्रीचंद बिंद आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भूख हड़ताल का नेतृत्व भाकपा माले राज्य स्थायी कमेटी के सदस्य ओम प्रकाश सिंह, खेत मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष शंकर कोल, अभा किसान महा सभा के जिला सचिव भक्त प्रकाश श्रीवास्तव, महिला संगठन एपवा की जिलाध्यक्ष अहमदी बेगम, इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष आशाराम भारती, कालीन मजदूर महा सभा के अध्यक्ष राजाराम यादव ने संयुक्त रुप से की।
विज्ञापन
भाकपा नेताओं ने कहा कि वनाधिकार कानून तो नहीं लागू हुआ बावजूद इसके कई पीढ़ियों से रह रहे गरीब आदिवासियों के आशियाना को सरकार द्वारा लगातार उजाड़ा जा रहा है। कहा कि जब भी प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो लगता है कि माफियाओं और दबंगों का राज आ गया है। माले नेताओं ने कहा कि प्रदेश की अखिलेश सरकार ने जो वादा किया, उसमें भी धोखाधड़ी कर रही है। चुनाव के समय किसानों से कहा गया कि सभी किसानों का पचास हजार तक का कर्ज माफ किया जाएगा। लेकिन सरकार द्वारा अब मात्र उप्र सहकारी ग्राम्य बैंक से कर्ज लिए किसानों का ही कर्ज माफ कर रही है, उसमें भी जिस किसान ने 31 मार्च तक मूलधन का दस प्रतिशत जमा किया है। माले नेताओं ने कहा कि क्रय केंद्रों पर व्यापक धांधली और अनियमितता व्याप्त है। उर्वरकों की कालाबाजारी हो रही है। मनरेगा कार्यों में लूट खसोट मची हुई है। गांव में किसी भी गरीब को काम नहीं मिल रहा है। सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। बसपा जैसी पार्टी चुप्पी साधे हुए है। माले नेताओं ने कहा कि हमारी पार्टी ग्रामीणों, गरीबों और किसानों के दम पर मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष तेज करेगी। शुक्रवार को भूख हड़ताल पर रामकृत बियार, बसंत कोल, बसंती देवी, महंगी पासवान, मन्ना देवी, फुलवंती देवी, रजवंती, सोनकली, सीता देवी, छोटे लाल, चिंता कोल, बोधी, केशर, केवला, हरि लाल, मदन, श्याम कुमार, निजाम, मंगरु, किशोरी, ओम प्रकाश पटेल आदि भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस अवसर पर धरने पर जीरा भारती, महादेव, श्रीचंद बिंद आदि रहे।
विज्ञापन