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डूबते सूर्य को महिलाओं ने दूध व गंगा जल से दिया अर्घ्य
Mirzapur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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मिर्जापुर। सूर्योपासना के प्रमुख पर्व डाला छठ पर नगर के प्रमुख गंगा घाटों पर सोमवार को महिलाओं ने विधिविधान से भगवान भास्कर का पूजन किया। व्रती महिलाओं ने गंगा में स्नान के उपरांत सूप में पूजन सामग्री रखकर अस्त होते सूर्य को गंगाजल एवं दूध से अर्घ्य दिया। जल में रह कर ही उन्होंने पांच बार परिक्रमा की। सूर्यास्त के उपरांत महिलाओं ने पूजन सामग्रियों को दउरी में रखा और जलते हुए दीपक को लेकर अपने घरों के लिए प्रस्थान किया।
पुत्र की प्राप्ति व उसके दीर्घायु के साथ ही पारिवारिक सुख-समृद्धि और मनोकामना की पूर्ति के लिए सोमवार को महिलाओं ने छठ का व्रत रखा। छठ मईया के पूजन के लिए बांस की बनी एक बड़ी दउरी में पूजा का सामान रखकर बड़ी संख्या में महिलाएं दोपहर बाद से ही गंगा घाटाें पर एकत्रित होने लगी थीं। महिलाएं एक सूप को कपड़े में लपेटकर नारियल, पांच प्रकार के फल, पूजा के सामान दोने में रखकर गंगा तटों पर पहुंची। इसकी पवित्रता बनी रहे इसके लिए परिवार के पुरुष सदस्य पूजन सामग्रियों को सिर पर रखकर व्रती महिलाओं के आगे चल रहे थे। घाटों पर महिलाओं ने गंगा स्नान करने के उपरांत सूप में पूजन का सारा सामान रख कर अस्त होते भगवान भास्कर को गंगाजल और दूध से अर्घ्य दिया और गंगा में खड़े होकर पांच बार परिक्रमा कर विधि-विधान से छठी मईया का पूजन किया। सूर्यास्त के बाद महिलाएं जलते हुए दीपक को लेकर माता का गीत गाते हुए अपने घरों के लिए रवाना हुईं।
घाटों पर रही चाक चौबंद व्यवस्था
मिर्जापुर। डाला छठ के अवसर पर पूजन अर्चन को निर्विघ्न रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। नगर के बरियाघाट के साथ ही बदलीघाट, सुंदरघाट, बाबा घाट, दाऊजी घाट, पक्काघाट, संकठा घाट, कचहरी घाट सहित अन्य कई घाटों पर पुलिस व महिला पुलिस की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के उच्चाधिकारी भी घाटों का चक्रमण करते देखे गए।
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पुत्र की प्राप्ति व उसके दीर्घायु के साथ ही पारिवारिक सुख-समृद्धि और मनोकामना की पूर्ति के लिए सोमवार को महिलाओं ने छठ का व्रत रखा। छठ मईया के पूजन के लिए बांस की बनी एक बड़ी दउरी में पूजा का सामान रखकर बड़ी संख्या में महिलाएं दोपहर बाद से ही गंगा घाटाें पर एकत्रित होने लगी थीं। महिलाएं एक सूप को कपड़े में लपेटकर नारियल, पांच प्रकार के फल, पूजा के सामान दोने में रखकर गंगा तटों पर पहुंची। इसकी पवित्रता बनी रहे इसके लिए परिवार के पुरुष सदस्य पूजन सामग्रियों को सिर पर रखकर व्रती महिलाओं के आगे चल रहे थे। घाटों पर महिलाओं ने गंगा स्नान करने के उपरांत सूप में पूजन का सारा सामान रख कर अस्त होते भगवान भास्कर को गंगाजल और दूध से अर्घ्य दिया और गंगा में खड़े होकर पांच बार परिक्रमा कर विधि-विधान से छठी मईया का पूजन किया। सूर्यास्त के बाद महिलाएं जलते हुए दीपक को लेकर माता का गीत गाते हुए अपने घरों के लिए रवाना हुईं।
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घाटों पर रही चाक चौबंद व्यवस्था
मिर्जापुर। डाला छठ के अवसर पर पूजन अर्चन को निर्विघ्न रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। नगर के बरियाघाट के साथ ही बदलीघाट, सुंदरघाट, बाबा घाट, दाऊजी घाट, पक्काघाट, संकठा घाट, कचहरी घाट सहित अन्य कई घाटों पर पुलिस व महिला पुलिस की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के उच्चाधिकारी भी घाटों का चक्रमण करते देखे गए।
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