{"_id":"62-80815","slug":"Mirzapur-80815-62","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहनों ने की कामना भइया हो दीर्घायु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहनों ने की कामना भइया हो दीर्घायु
Mirzapur
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
मिर्जापुर। दीपावली के ठीक बाद पड़ने वाले भाई दूज के त्योहार पर बहनों अपने भाइयों के लंबी उम्र के साथ उनके सुखी एवं समृद्ध जीवन के लिए पूजन अर्चन कर अपनों भाइयों के माथे पर रोली अक्षत लगा कर उनके लंबी आयु की कामना की। भैयादूज पर नगर के विभिन्न मुहल्लों में महिलाआें एवं बालिकाआें ने विधि-विधान से भैयादूज का पूजन कर अपने भाइयों के दीर्घायु के लिए कामना की। भाई दूज पर नगर के साथ ही ग्रामीण इलाकाें में भी पारंपरिक तरीके से जगह जगह महिलाओं एवं नवयुवतियों ने सामूहिक रूप से गोवर्धन की पूजा की।
भैया दूज का पूजन करने के लिए गुरुवार की सुबह से ही महिलाएं इसकी तैयारियों में जुट गई थीं। अपने-अपने घरों में गोबर से आकृति बनाकर महिलाआें ने विधिवत सोन चिरई की कथा का श्रवण किया। पूजन के पश्चात् महिलाओं और बालिकाओं ने अपने-अपने भाइयों को चंदन का तिलक लगाकर और माला पहनाकर दीपावली के दिन भरे हुए घरिया एवं चना को खिलाया। इस पूजन को लेकर महिलाआें में गजब का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाओं और बालिकाओं ने पूजन करने के पश्चात् भाइयों को चना खिलाने के बाद अपना व्रत तोड़ा।
वहीं दीपावली के बाद अवकाश के चलते आम दिनों की अपेक्षा सड़कों पर वाहन कम चलने से दूर दराज से आने वाली बहनें देर शाम तक अपने मायके पहुंची। दूसरी ओर गंतव्य को जाने वाले राहगीरों को भी वाहनों की किल्लत का सामना करना पड़ा। मिष्ठान विक्रेताओं ने भी इस पर्व के लिए खास तौर पर व्यंजन तैयार किए जिन्हें खरीद कर बहनों ने अपने भाइयों को खिलाया और भाइयों ने भी बहनों को उपहार आदि देकर भावनाओं का सम्मान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भैया दूज का पूजन करने के लिए गुरुवार की सुबह से ही महिलाएं इसकी तैयारियों में जुट गई थीं। अपने-अपने घरों में गोबर से आकृति बनाकर महिलाआें ने विधिवत सोन चिरई की कथा का श्रवण किया। पूजन के पश्चात् महिलाओं और बालिकाओं ने अपने-अपने भाइयों को चंदन का तिलक लगाकर और माला पहनाकर दीपावली के दिन भरे हुए घरिया एवं चना को खिलाया। इस पूजन को लेकर महिलाआें में गजब का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाओं और बालिकाओं ने पूजन करने के पश्चात् भाइयों को चना खिलाने के बाद अपना व्रत तोड़ा।
विज्ञापन
वहीं दीपावली के बाद अवकाश के चलते आम दिनों की अपेक्षा सड़कों पर वाहन कम चलने से दूर दराज से आने वाली बहनें देर शाम तक अपने मायके पहुंची। दूसरी ओर गंतव्य को जाने वाले राहगीरों को भी वाहनों की किल्लत का सामना करना पड़ा। मिष्ठान विक्रेताओं ने भी इस पर्व के लिए खास तौर पर व्यंजन तैयार किए जिन्हें खरीद कर बहनों ने अपने भाइयों को खिलाया और भाइयों ने भी बहनों को उपहार आदि देकर भावनाओं का सम्मान किया।
विज्ञापन