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बदला मौसम का मिजाज, ठिठुरे लोग
Mirzapur
Updated Tue, 24 Dec 2013 05:44 AM IST
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मिर्जापुर। शरद ऋतु के रौब में आते ही ठिठुरन बढ़ गई है। सोमवार को कोहरे की चादर फैलने से दोपहर तक भगवान भास्कर के दर्शन भी नहीं हो पाए। चहुंओर फैले कोहरे से आवागमन भी प्रभावित रहा। उधर, पालिका प्रशासन द्वारा नगर क्षेत्र के किसी स्थान पर अलाव जलवाने की अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है।
कड़ाके की ठंड ने पूरे जनपद को अपनी आगोश में ले लिया है। पठारी इलाका होने के चलते प्रात:काल और सूर्यास्त होते ही चहुंओर कोहरे की फैल जा रही है। सोमवार की अलसुबह पूरा नगर क्षेत्र घनघोर कोहरे की चपेट में दिखाई दिया। गलन और ठिठुरन के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सुबह से लेकर दोपहर बारह बजे तक भगवान भास्कर के दर्शन भी नहीं हुए।
दोपहर बाद कुछ समय के लिए सूर्यदेव ने दर्शन तो दिया, लेकिन किरणों का कोई असर नहीं पड़ रहा था। सूर्यास्त के होते ही एक बार पुन: कोहरे की चादर ने नगर को अपने आगोश में ले लिया। इससे नगर के प्रमुख बाजारों में देखते ही देखते सन्नाटा पसर गया। सोमवार का दिन होने के कारण बाजारों में दुकानें तो खुली रहीं, लेकिन ग्राहक सिर्फ गिने-चुने ही दिखाई दिए। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक नगर क्षेत्र में जिला अस्पताल को छोड़ अन्य कहीं पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण सड़क पर चलने वाले राहगीरों सहित रिक्शा चालकों, ठेले-खोमचे वालाें को ठिठुरना पड़ रहा है। नगर के लोगों ने पालिका प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग उठाई है।
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कड़ाके की ठंड ने पूरे जनपद को अपनी आगोश में ले लिया है। पठारी इलाका होने के चलते प्रात:काल और सूर्यास्त होते ही चहुंओर कोहरे की फैल जा रही है। सोमवार की अलसुबह पूरा नगर क्षेत्र घनघोर कोहरे की चपेट में दिखाई दिया। गलन और ठिठुरन के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सुबह से लेकर दोपहर बारह बजे तक भगवान भास्कर के दर्शन भी नहीं हुए।
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दोपहर बाद कुछ समय के लिए सूर्यदेव ने दर्शन तो दिया, लेकिन किरणों का कोई असर नहीं पड़ रहा था। सूर्यास्त के होते ही एक बार पुन: कोहरे की चादर ने नगर को अपने आगोश में ले लिया। इससे नगर के प्रमुख बाजारों में देखते ही देखते सन्नाटा पसर गया। सोमवार का दिन होने के कारण बाजारों में दुकानें तो खुली रहीं, लेकिन ग्राहक सिर्फ गिने-चुने ही दिखाई दिए। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक नगर क्षेत्र में जिला अस्पताल को छोड़ अन्य कहीं पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण सड़क पर चलने वाले राहगीरों सहित रिक्शा चालकों, ठेले-खोमचे वालाें को ठिठुरना पड़ रहा है। नगर के लोगों ने पालिका प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग उठाई है।
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