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जल निगम कर्मचारियों ने भरी हुंकार
Mirzapur
Updated Wed, 27 Nov 2013 05:42 AM IST
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में कर्मचारियों ने पदनाम परिवर्तन संबंधी शासनादेश लागू करने सहित सात सूत्री मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्रक भेजा।
अध्यक्ष नरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि महासंघ हमेशा से ही शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता एवं विचार विमर्श का पक्षधर रहा है। बावजूद इसके समस्याओं के समाधान पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिन समस्याआें पर शासनादेश निर्गत हो चुके है, उनको भी लागू नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों का मानसिक एवं आर्थिक शोषण हो रहा है। मंत्री आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग में लेखाकार, लेखाकार के पदों पर निगम के गठन से लेकर अब तक स्थापित प्रोन्नति श्रोत 75 प्रतिशत को यथावत बनाए रखते हुए निदेशक मंडल द्वारा जारी निर्णय को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने बकाया 32 प्रतिशत भुगतान, षष्ठम वेतनमान का भौतिक लाभ, बंद की गई चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं राशिकरण की सुविधा बहाली की मांग की। उन्होंने सभी रिक्त पदों पर पदोन्नतियां तथा स्थाईकरण आदेश तत्काल जारी करने की मांग की। बताया कि तीन दिसंबर को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। इस अवसर पर अशोक सविता, अबरार अहमद, संजीव शर्मा, मो. हयात, इस्माईल, सुरेश कुमार राना, महादेव, मनीष दूबे, अमरनाथ, शिव प्रसाद, देव प्रकाश, रमा शंकर, अवनीश पांडेय, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्ष नरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि महासंघ हमेशा से ही शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता एवं विचार विमर्श का पक्षधर रहा है। बावजूद इसके समस्याओं के समाधान पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिन समस्याआें पर शासनादेश निर्गत हो चुके है, उनको भी लागू नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों का मानसिक एवं आर्थिक शोषण हो रहा है। मंत्री आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग में लेखाकार, लेखाकार के पदों पर निगम के गठन से लेकर अब तक स्थापित प्रोन्नति श्रोत 75 प्रतिशत को यथावत बनाए रखते हुए निदेशक मंडल द्वारा जारी निर्णय को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने बकाया 32 प्रतिशत भुगतान, षष्ठम वेतनमान का भौतिक लाभ, बंद की गई चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं राशिकरण की सुविधा बहाली की मांग की। उन्होंने सभी रिक्त पदों पर पदोन्नतियां तथा स्थाईकरण आदेश तत्काल जारी करने की मांग की। बताया कि तीन दिसंबर को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। इस अवसर पर अशोक सविता, अबरार अहमद, संजीव शर्मा, मो. हयात, इस्माईल, सुरेश कुमार राना, महादेव, मनीष दूबे, अमरनाथ, शिव प्रसाद, देव प्रकाश, रमा शंकर, अवनीश पांडेय, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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