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चुनार में गंगा खतरे के निशान के पार
Mirzapur
Updated Mon, 05 Aug 2013 05:34 AM IST
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चुनार। गंगा नदी का पानी चुनार में खतरे के निशान से चार फीट ऊपर बह रहा है। उफनती गंगा एवं सहायक नदी जरगो में बाढ़ आने से तहसील के कृयात और हवेली परगना की आठ सौ एकड़ में फसल जलमगभन हो चुकी है। इससे किसानों की लाखों की कमाई नष्ट हो गयी है।
बाढ़ से चुनार नगर में आने वाले सभी मार्ग बंद हो चुके हैं, सिर्फ रेलवे क्रासिंग से ही लोग नगर में प्रवेश कर रहे हैं। यदि इसी गति से पानी बढ़ता रहा तो आगामी चौबीस घंटे में चुनार नगर के सभी प्रमुख मार्ग जलमगभन हो जाएंगे। बाढ़ राहत चौकी प्रभारी नफीस व निहाल ने बताया कि पानी से पूरी तरह घिर चुके गांव के निवासियों के आवागमन हेतु अब तक पच्चीस छोटी बड़ी नौकाओं को लगाया गया है। बाढ़ प्रभारी तहसीलदार आरके सिंह ने बताया कि प्रभावित परगना हवेली व कृयात में अब तक 13 राहत चौकियों की स्थापना की जा चुकी है।
उपजिलाधिकारी चुनार दिवाकर सिंह ने बताया कि परगना कृयात के पिपराही, रामगढ़, धनैता, धन्नूपुर, हांसीपुर, विदापुर, सीखड़ व गोरइंया एवं हवेली के कजिया, बहरामगंज, सरैया, रैपुरियां, बघेड़ा, लल्ली मड़ई, नकहरा, चितंरहा, ऐबकपुरमोहाना, गांगपुर, रामपुर व बगही में नाव का संचालन शुक्रवार से ही शुरू हो गया है। तहसील अधिकारियों ने बताया कि गंगा का जलस्तर बीते चौबीस घंटे में करीब एक फीट बढ़ा है। इससे गंगा व जरगो नदी तट पर बसे सौ से अधिक गांव में पानी घुस गया है। प्रभावित इलाके के लोगों को हिदायत दी गयी है कि बढ़ते जल स्तर को देखकर वह सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उधर संतोषी माता मंदिर के पास, रेलवे क्रासिंग व जमुई पुल पर पानी का तेज बहाव होने से पूरी तरह बंद हो चुका है। इसी तरह चुनार के ऐबकपुर मोहाना व जरगो नदी के मुहाने पर बने दर्जनों घरों में पानी घुस गया है।
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बाढ़ से चुनार नगर में आने वाले सभी मार्ग बंद हो चुके हैं, सिर्फ रेलवे क्रासिंग से ही लोग नगर में प्रवेश कर रहे हैं। यदि इसी गति से पानी बढ़ता रहा तो आगामी चौबीस घंटे में चुनार नगर के सभी प्रमुख मार्ग जलमगभन हो जाएंगे। बाढ़ राहत चौकी प्रभारी नफीस व निहाल ने बताया कि पानी से पूरी तरह घिर चुके गांव के निवासियों के आवागमन हेतु अब तक पच्चीस छोटी बड़ी नौकाओं को लगाया गया है। बाढ़ प्रभारी तहसीलदार आरके सिंह ने बताया कि प्रभावित परगना हवेली व कृयात में अब तक 13 राहत चौकियों की स्थापना की जा चुकी है।
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उपजिलाधिकारी चुनार दिवाकर सिंह ने बताया कि परगना कृयात के पिपराही, रामगढ़, धनैता, धन्नूपुर, हांसीपुर, विदापुर, सीखड़ व गोरइंया एवं हवेली के कजिया, बहरामगंज, सरैया, रैपुरियां, बघेड़ा, लल्ली मड़ई, नकहरा, चितंरहा, ऐबकपुरमोहाना, गांगपुर, रामपुर व बगही में नाव का संचालन शुक्रवार से ही शुरू हो गया है। तहसील अधिकारियों ने बताया कि गंगा का जलस्तर बीते चौबीस घंटे में करीब एक फीट बढ़ा है। इससे गंगा व जरगो नदी तट पर बसे सौ से अधिक गांव में पानी घुस गया है। प्रभावित इलाके के लोगों को हिदायत दी गयी है कि बढ़ते जल स्तर को देखकर वह सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उधर संतोषी माता मंदिर के पास, रेलवे क्रासिंग व जमुई पुल पर पानी का तेज बहाव होने से पूरी तरह बंद हो चुका है। इसी तरह चुनार के ऐबकपुर मोहाना व जरगो नदी के मुहाने पर बने दर्जनों घरों में पानी घुस गया है।
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