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गंगा की लहरें अब गांव में मारने लगी हिलोरें
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:49 AM IST
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जलस्तर बढ़ने से तटवर्तियों को खतरा
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मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ते देख जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों और तटवर्ती गांवों के लोगों को सतर्क किया है। गंगा का जलस्तर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर 70.920 मीटर पहुंच गया। सोमवार की रात से उफनाई गंगा का पानी कोन ब्लाक के हरसिंगपुर गांव में घुस गया है। इससे कोन के तटवर्ती लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों के अंदर गंगा का जलस्तर दो मीटर बढ़ा है।
बीते जुलाई माह में गंगा का जलस्तर 71.01 तक पहुंचा था। इसके बाद गंगा स्थिर हुई और पानी घट कर 68.499 मीटर तक पहुंच गया था। अगस्त के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर गंगा उफान पर आ गई। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 69.1 था जो शुक्रवार को यह बढ़कर 69. 400 हो गया। शनिवार को जलस्तर 69.700 और रविवार को 70.100 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को जलस्तर 70.180 हो गया। सोमवार की रात गंगा के जलस्तर में फिर तेजी से वृद्धि होनी शुरू हुई। चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से मंगलवार को जलस्तर बढ़कर 70.920 मीटर हो गया। लगातार पानी बढ़ने के कारण सोमवार की रात कोन ब्लाक के हरसिंगपुर में पानी घुस गया। जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। देर रात गांव में पानी घुसने पर ग्रामीण हैरान हो गए। गांव डूबने की डर से रात भी जागते रहे। सुबह होते ही अपने पशुओें को सुरक्षित स्थान पर ले जाने लगे। अनाज व गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान भी इकटठा कर उसे सुरक्षित स्थान या छत पर रखने की तैयारी में जुट गए है। जिससे पानी में डूबकर खराब नहीं हो। पानी बढ़ने की जानकारी होने पर छानबे, कोन ब्लाक, पहाड़ी ब्लाक, चुनार, नरायनपुर समेत अन्य तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की धड़कने बढ़ती जा रही है। घाट के अधिक नजदीक रहने वाले ग्रामीण रतजगा कर बार बार जलस्तर को देखने को मजबूर हो गए है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही हाई अलर्ट जारी किया था। प्रशासन को यह अंदेशा था कि लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी होगी। इसलिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी थी।
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लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के चलते कटान शुरू हो गया है। इससे घाट किनारे रहने वाले लोगों पर खतरा मडराने लगा है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
एडीएम राजितराम प्रजापति ने बताया कि
सभी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। लगातार सूचनाएं देने का निर्देश दिया गया है।
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बीते जुलाई माह में गंगा का जलस्तर 71.01 तक पहुंचा था। इसके बाद गंगा स्थिर हुई और पानी घट कर 68.499 मीटर तक पहुंच गया था। अगस्त के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर गंगा उफान पर आ गई। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 69.1 था जो शुक्रवार को यह बढ़कर 69. 400 हो गया। शनिवार को जलस्तर 69.700 और रविवार को 70.100 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को जलस्तर 70.180 हो गया। सोमवार की रात गंगा के जलस्तर में फिर तेजी से वृद्धि होनी शुरू हुई। चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से मंगलवार को जलस्तर बढ़कर 70.920 मीटर हो गया। लगातार पानी बढ़ने के कारण सोमवार की रात कोन ब्लाक के हरसिंगपुर में पानी घुस गया। जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। देर रात गांव में पानी घुसने पर ग्रामीण हैरान हो गए। गांव डूबने की डर से रात भी जागते रहे। सुबह होते ही अपने पशुओें को सुरक्षित स्थान पर ले जाने लगे। अनाज व गृहस्थी का अन्य जरूरी सामान भी इकटठा कर उसे सुरक्षित स्थान या छत पर रखने की तैयारी में जुट गए है। जिससे पानी में डूबकर खराब नहीं हो। पानी बढ़ने की जानकारी होने पर छानबे, कोन ब्लाक, पहाड़ी ब्लाक, चुनार, नरायनपुर समेत अन्य तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की धड़कने बढ़ती जा रही है। घाट के अधिक नजदीक रहने वाले ग्रामीण रतजगा कर बार बार जलस्तर को देखने को मजबूर हो गए है।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही हाई अलर्ट जारी किया था। प्रशासन को यह अंदेशा था कि लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी होगी। इसलिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी थी।
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लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के चलते कटान शुरू हो गया है। इससे घाट किनारे रहने वाले लोगों पर खतरा मडराने लगा है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
एडीएम राजितराम प्रजापति ने बताया कि
सभी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। लगातार सूचनाएं देने का निर्देश दिया गया है।