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आमदनी वृद्घि के लिए उन्नति तकनीकि अपनाए जाने पर दिया जोर
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:28 AM IST
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सीखड़। भारतीय सब्जी अनुसंधान अदलपुरा की ओर से 28 वां स्थापना दिवस शुक्रवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. मंगला राय पूर्व सचिव कृषि अनुसंधान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रसंस्करण मूल्य संवर्धन बीज उत्पादन से किसानों को होने वाले लाभ के बारे में बताया गया।
उन्होंने किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए उन्नत तकनीकी को अपनाए जाने व आपदा प्रबंधन, संवेदी सूचना तंत्र को अपनाने के मूल मंत्रो की जानकारी दी। उन्होंने कृषि बागवानी, दूध उत्पादन, अंडा, मछली उत्पादन के क्षेत्र में आशातीत वृद्धि की सराहना करते हुए आय बढ़ाने की दिशा में अनुसंधान पर आधारित कार्य करने का अनुरोध किया। मृदा के स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए शुष्मतत्वों की आवश्यकता एवं जीवाणुओं की महत्ता को बताया। समारोह के विशिष्ट अतिथि पूर्व उप महानिदेशक उद्यान डा. गौतम कल्लू ने कहा कि संरक्षित खेती कर सब्जियों की उत्पादन बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने टमाटर की फसल में विषाणु के प्रकोप से होने वाले आर्थिक क्षति के बारे में लोगों को जागरुक किया। खेती के लिए नई प्रजातियों के विकास पर अनुसंधान करने पर जोर दिया। डा यू एस सिंह निदेशक दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने स्थानीय स्तर पर संस्थान की तकनीकियों के प्रचार प्रसार के माध्यम से किसानों को लाभाविंत करने की सराहना की। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन डा. डीआर भारद्वाज ने किया व धन्यवाद ज्ञापन डाक्टर पी एम सिंह ने किया।
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उन्होंने किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए उन्नत तकनीकी को अपनाए जाने व आपदा प्रबंधन, संवेदी सूचना तंत्र को अपनाने के मूल मंत्रो की जानकारी दी। उन्होंने कृषि बागवानी, दूध उत्पादन, अंडा, मछली उत्पादन के क्षेत्र में आशातीत वृद्धि की सराहना करते हुए आय बढ़ाने की दिशा में अनुसंधान पर आधारित कार्य करने का अनुरोध किया। मृदा के स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए शुष्मतत्वों की आवश्यकता एवं जीवाणुओं की महत्ता को बताया। समारोह के विशिष्ट अतिथि पूर्व उप महानिदेशक उद्यान डा. गौतम कल्लू ने कहा कि संरक्षित खेती कर सब्जियों की उत्पादन बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने टमाटर की फसल में विषाणु के प्रकोप से होने वाले आर्थिक क्षति के बारे में लोगों को जागरुक किया। खेती के लिए नई प्रजातियों के विकास पर अनुसंधान करने पर जोर दिया। डा यू एस सिंह निदेशक दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने स्थानीय स्तर पर संस्थान की तकनीकियों के प्रचार प्रसार के माध्यम से किसानों को लाभाविंत करने की सराहना की। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन डा. डीआर भारद्वाज ने किया व धन्यवाद ज्ञापन डाक्टर पी एम सिंह ने किया।
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