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ग्राम्यांचलों में आसमान छू रहे सब्जियों के दाम
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:22 AM IST
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मिर्जापुर। नगर सहित जनपद के ग्राम्यांचलों में सब्जियों के दाम आसमान छूने से गृहणियों के रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। वर्तामन समय ग्राम्यांचलों के बाजारों में सब्जियों के रेट फलों से भी ऊपर पहुंच चुके हैं। बाजार में टमाटर सौ रुपये तथा बैगन 40, परवल 60 तथा बजरबट्टी 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचे जा हैं।
लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने से पैदावार में आई गिरावट के चलते ग्रामीण क्षेत्र में सब्जियों के दाम में भारी इजाफा हुआ है। चुनार, लालगंज, मड़िहान एवं सदर तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में सब्जियों के दामों में भारी बढ़ोत्तरी होने से थालियों से सब्जियां गायब होती जा रही हैं। सब्जियों के दाम अचानक बढ़ने से गरीब तथा मध्यम वर्ग के रसोईघर में सब्जियों की पहुंच कमजोर हो गई है। हलिया संवाददाता अनुसार लगातार हो रही बारिश से सब्जी की फसल भी नष्ट हो गई है। महंगाई का आलम यह है कि चट्टी-चौराहों पर सब्जियों की दूकानों पर खरीददारों की संख्या कम हो गई है। हलिया विकास खंड के बरौधा, ड्रमंडगंज, रतेह चौराहा, गड़बड़ा, हलिया तथा कोटा घाट बाजारों में टमाटर सेब के भाव बिक रहा है। सेब की कीमतें 100 से 120 रुपये किलो हैं और टमाटर भी इसी भाव से बिक रहा है। अन्य सब्जियों में परवल 50, भिंडी 45, बैगन 40, कोहड़ा 30, लौकी 24, नेनुआ 30, तथा बजरबट्टू 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं। सब्जियों के दाम में बढ़ोत्तरी से गरीब तबका इन्हें खरीदने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में बोई गई सब्जियों की फसल नष्ट गई, जिससे किसानों के नियमित आय का साधन भी छिन गया है। फसल नष्ट होने से किसानों को महंगी लागत डूबने का घाटा भी उठाना पड़ रहा है। हलिया ब्लॉक के किसान शिव प्रसाद बिंद सहित कैलाश बिंद, नंदलाल बिंद, रामचंद्र बिंद आदि का कहना है कि बारिश के चलते उनका बड़ा नुकसान हुआ है।
लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने से पैदावार में आई गिरावट के चलते ग्रामीण क्षेत्र में सब्जियों के दाम में भारी इजाफा हुआ है। चुनार, लालगंज, मड़िहान एवं सदर तहसील क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में सब्जियों के दामों में भारी बढ़ोत्तरी होने से थालियों से सब्जियां गायब होती जा रही हैं। सब्जियों के दाम अचानक बढ़ने से गरीब तथा मध्यम वर्ग के रसोईघर में सब्जियों की पहुंच कमजोर हो गई है। हलिया संवाददाता अनुसार लगातार हो रही बारिश से सब्जी की फसल भी नष्ट हो गई है। महंगाई का आलम यह है कि चट्टी-चौराहों पर सब्जियों की दूकानों पर खरीददारों की संख्या कम हो गई है। हलिया विकास खंड के बरौधा, ड्रमंडगंज, रतेह चौराहा, गड़बड़ा, हलिया तथा कोटा घाट बाजारों में टमाटर सेब के भाव बिक रहा है। सेब की कीमतें 100 से 120 रुपये किलो हैं और टमाटर भी इसी भाव से बिक रहा है। अन्य सब्जियों में परवल 50, भिंडी 45, बैगन 40, कोहड़ा 30, लौकी 24, नेनुआ 30, तथा बजरबट्टू 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं। सब्जियों के दाम में बढ़ोत्तरी से गरीब तबका इन्हें खरीदने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में बोई गई सब्जियों की फसल नष्ट गई, जिससे किसानों के नियमित आय का साधन भी छिन गया है। फसल नष्ट होने से किसानों को महंगी लागत डूबने का घाटा भी उठाना पड़ रहा है। हलिया ब्लॉक के किसान शिव प्रसाद बिंद सहित कैलाश बिंद, नंदलाल बिंद, रामचंद्र बिंद आदि का कहना है कि बारिश के चलते उनका बड़ा नुकसान हुआ है।
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