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बैठक के निर्णय पर नहीं शुरु हुआ अमल
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:31 AM IST
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विन्ध्याचल (मिर्जापुर)। विन्ध्यवासिनी मां के मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए अधिकारियों और विन्ध्य पंडा समाज की बैठक में लिए गए निर्णयों पर अभी कार्य शुरु नही हो सका है। बीते शुक्रवार को आयोजित हुई द्विपक्षीय बैठक में मां के गर्भ गृह में लगी पीतल की बाड़ को चौड़ा करने, अंडर ग्राउंड वायरिंग समेत कई अन्य निर्णय लिये गए थे लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विन्ध्य पंडा समाज और जिला प्रशासन से बीते दिनों आपसी बैठक कर विन्ध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की बेहतरी के लिए कई निर्णय लिए थे। इनमें से एक प्रमुख लटके बिजली के तारों को अंडर ग्राउंड वायरिंग का मामला था। तारों के आपस में चिपकने से कई बार शार्ट सर्किट होने से आग लगने का खतरा पैदा हो चुका है। वहीं कई बार दर्शनार्थियों को करेंट भी लग चुका है। मां के गर्भ गृह में लगी पीतल की बाड़ को चौड़ा करने का काम अभी शुरु नहीं हुआ है। गलियों को चौड़ा करने की भी बात थी लेकिन इस पर भी हाथ नहीं लगाया गया है। इस बारे में विन्ध्य पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि पिछली दो बैठकों की कार्यवृत्ति लिखित रूप से मांगने के बावजूद अभी तक उपलब्ध नहीं होने से कोई भी निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है। जब तक मंदिर से जुड़ी दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कार्य नहीं करेंगी तब तक कोई भी व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती है।
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विन्ध्य पंडा समाज और जिला प्रशासन से बीते दिनों आपसी बैठक कर विन्ध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की बेहतरी के लिए कई निर्णय लिए थे। इनमें से एक प्रमुख लटके बिजली के तारों को अंडर ग्राउंड वायरिंग का मामला था। तारों के आपस में चिपकने से कई बार शार्ट सर्किट होने से आग लगने का खतरा पैदा हो चुका है। वहीं कई बार दर्शनार्थियों को करेंट भी लग चुका है। मां के गर्भ गृह में लगी पीतल की बाड़ को चौड़ा करने का काम अभी शुरु नहीं हुआ है। गलियों को चौड़ा करने की भी बात थी लेकिन इस पर भी हाथ नहीं लगाया गया है। इस बारे में विन्ध्य पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि पिछली दो बैठकों की कार्यवृत्ति लिखित रूप से मांगने के बावजूद अभी तक उपलब्ध नहीं होने से कोई भी निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है। जब तक मंदिर से जुड़ी दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कार्य नहीं करेंगी तब तक कोई भी व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती है।
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