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चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है...पर झूमे श्रद्घालु
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:33 AM IST
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विंध्याचल। विंध्य धाम में राधा अष्टमी पर मां का शृंगार और पूजन किया गया। शतचंडी का पाठ किया गया। इस मौके पर आयोजित देवी जागरण में सोमवार की रात गायकों ने देवी गीत और भजन सुनकर श्रद्धालुओं को मुग्ध कर दिया। मां विंध्यवासिनी महाशक्ति पीठ जगत कल्याण सेवा समिति की ओर से आयोजित जगराते में पूरी रात श्रद्धालु भजन का आनंद उठाते रहे। गोयनका भवन में 51 तीर्थ पुरोहितों ने शतचंडी पाठ किया।
देवी के धाम में आयोजित देवी जागरण में दूरदराज से आए कला साधकों ने अपनी प्रस्तुतियां मां के चरणों में अर्पित कीं। देवी जागरण का शुुभारंभ संस्था के संस्थापक पं. राहुल पांडेय ने मां विंध्यवासिनी का पूजन व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मां के जगराते में मुंबई से पधारे गायक आलोक पांडेय ने - केहू केतनौ दुलारे बाकी माई ना होई.. सुनाकर श्रद्धालुओं को मुग्ध कर दिया। अयोध्या से आए देवेंद्र दास पाठक ने - गणेश वंदना प्रस्तुत कर जागरण को गति प्रदान की। उन्होंने श्रीराम मंदिर पर मधुर भजन प्रस्तुत कर भक्तजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायिका वंदना ने - निमियां की डार मईया झुलेलीं झुलनवां.. सुनाकर माहौल को देेवीमय बना दिया। चिंटू सागर न े- बम-बम बोल रहा है काशी..प्रस्तुत किया। जय दूबे ने - बाड़ी शेर पर सवार रुपवा मनवा मोहत बा.. सुनाकर खूब झुमाया। बिहार से आईं गायिका आराधना सिंह ने - चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है..तथा बाला जी विनायक ने मधुर भजनों से समां बांध दिया। मां के जगराते के दौरान मनीष व रुचि ने अपने कथक नृत्य से मां की आराधना की। कलाकारों के साथ तबला पर हरिपुरी, ढोलक पर आशुतोष, पैड पर अजय, आर्गन पर अजीत व बैंजो पर दीना ने संगत किया। संस्था के संस्थापक राहुल पांडेय ने सभी कलाकारों को मां की चुनरी व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन पंकज अग्रहरि ने किया। जागरण के पूर्व गोयनका धर्मशाला में आचार्य बजरंगी पांडेय की देखरेख में शतचंडी पाठ का आयोजन किया गया था। पाठ के उपरांत भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान उमेश श्रीवास्तव, धीरज मिश्र, अमित त्रिपाठी, पशुपति नाथ मिश्र, प्रदीप जायसवाल, शशांक पांडेय, संजय तिवारी आदि रहे।
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देवी के धाम में आयोजित देवी जागरण में दूरदराज से आए कला साधकों ने अपनी प्रस्तुतियां मां के चरणों में अर्पित कीं। देवी जागरण का शुुभारंभ संस्था के संस्थापक पं. राहुल पांडेय ने मां विंध्यवासिनी का पूजन व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मां के जगराते में मुंबई से पधारे गायक आलोक पांडेय ने - केहू केतनौ दुलारे बाकी माई ना होई.. सुनाकर श्रद्धालुओं को मुग्ध कर दिया। अयोध्या से आए देवेंद्र दास पाठक ने - गणेश वंदना प्रस्तुत कर जागरण को गति प्रदान की। उन्होंने श्रीराम मंदिर पर मधुर भजन प्रस्तुत कर भक्तजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायिका वंदना ने - निमियां की डार मईया झुलेलीं झुलनवां.. सुनाकर माहौल को देेवीमय बना दिया। चिंटू सागर न े- बम-बम बोल रहा है काशी..प्रस्तुत किया। जय दूबे ने - बाड़ी शेर पर सवार रुपवा मनवा मोहत बा.. सुनाकर खूब झुमाया। बिहार से आईं गायिका आराधना सिंह ने - चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है..तथा बाला जी विनायक ने मधुर भजनों से समां बांध दिया। मां के जगराते के दौरान मनीष व रुचि ने अपने कथक नृत्य से मां की आराधना की। कलाकारों के साथ तबला पर हरिपुरी, ढोलक पर आशुतोष, पैड पर अजय, आर्गन पर अजीत व बैंजो पर दीना ने संगत किया। संस्था के संस्थापक राहुल पांडेय ने सभी कलाकारों को मां की चुनरी व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन पंकज अग्रहरि ने किया। जागरण के पूर्व गोयनका धर्मशाला में आचार्य बजरंगी पांडेय की देखरेख में शतचंडी पाठ का आयोजन किया गया था। पाठ के उपरांत भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान उमेश श्रीवास्तव, धीरज मिश्र, अमित त्रिपाठी, पशुपति नाथ मिश्र, प्रदीप जायसवाल, शशांक पांडेय, संजय तिवारी आदि रहे।
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