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अदवा बैराज के तीनों गेट खोले गए नहर

Mon, 16 Jul 2018 11:12 PM IST
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:12 PM IST
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अदवा बैराज के तीनों गेट खोले गए नहर
ड्रमंडगंज। कैमूर पहाड़ की तलहटी में मुड़पेली गांव में स्थित अदवा बैराज परियोजना चंदईपुर उद्धाटन के बाद रविवार को दोपहर अदवा मेजा लिंक नहर में 24 घंटे से 650 क्युसेक पानी मेजा बांध में जा रहा है। मेजा बांध में पानी छोड़ने के लिए बैराज में बने तीनों गेट खोल दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ अदवा नदी में बनाए गए आठ गेटों में से दो गेट के माध्यम से 700 क्यूसेक पानी अदवा बांध के लिए 24 घंटे से चल रहा है। दोनों बांधों में पानी पहुंच गया है। अब यूपी और एमपी सरकार के बीच पैसे को लेकर पेच फंसा हुआ है। विगत वर्ष के पानी का हिसाब करोड़ों रुपये मध्यप्रदेश सरकार का बकाया पड़ा है जिसके कारण अभी तक बाणसागर का पानी बैराज तक नहीं पहुंच पाया है। बरसात का पानी जो बैराज के अदवा नदी में है उसी को उद्घाटन के बाद चौबीस घंटे से चलाया जा रहा है। इस संबंध में सहायक अभियंता अदवा बैराज खंड दस अखिलेश वर्मा का कहना है कि बैराज का पानी अदवा तथा मेजा बांध तक पहुंच गया है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता बाण सागर खंड दस चंद्रशेखर कुमार मंगलम का कहना हैं कि अक्टूबर माह से मई माह तक बैराज से बांधों तक पानी देने का प्रावधान है। पानी के बकाया की धनराशि के संबंध में उन्होंने बताया कि विगत वर्ष का करोड़ों रुपये अदवा बैराज में आए पानी का बकाया है।
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- इस संबंध में अधिशासी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड कैफ सिद्दीकी का कहना है कि अदवा बांध में थोड़ा पानी आया है, जिससे नहर नहीं चल सकती। पर्याप्त मात्रा में पानी आने पर नहर खोली जाएगी।
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- ड्रमंडगंज कोलहा निवासी राकेश कुमार मिश्रा का कहना हैं कि पानी की जरूरत है। धान की नर्सरी सूख रही है। अगर नहर से पानी मिल जाता तो धान की रोपाई शुरू हो जाती।
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- ड्रमंडगंज सोनगढ़ा निवासी जगदीश सिंह का कहना हैं कि 34 करोड़ की परियोजना पाकर क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा। विकास खंड के अति लिपछड़े क्षेत्र के लिए विकास की गंगा बहाई गई।

- ड्रमंडगंज अहुगी कलां निवासी रमाकांत पांडेय का कहना है कि धान की नर्सरी तैयार हो गई है। रोपाई के लिए पानी की आवश्यकता है। सोचा था कि अब बाण सागर परियोजना का शिलान्यास हो गया है। पानी के लिए नहीं सोचना पड़ेगा। लेकिन अभी खेतों तक बैराज का पानी नहीं पहुंचा ।
- हथेड़ा के श्रवण कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री के उद्घाटन के बाद नहरों के माध्यम से आज तक पानी नहीं पहुंचा है।
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